CBI Raid: पूर्व CM भूपेश बघेल के OSD आशीष वर्मा के घर फिर पहुंची CBI, 4 अधिकारियों की टीम ने कई अहम दस्तावेज किए जब्त

छत्तीसगढ़ में महादेव सट्टा एप घोटाले को लेकर CBI की छापेमारी लगातार जारी है। शनिवार को CBI की टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के OSD रहे आशीष वर्मा के घर दबिश दी। इस दौरान CBI अधिकारियों ने करीब पांच घंटे तक जांच-पड़ताल की और कई अहम दस्तावेज जब्त किए। Cbi raid on former cm baghel osd ashish verma house

Chhattisgarh Cbi raid on former cm baghel osd ashish verma house

Chhattisgarh Cbi raid on former cm baghel osd ashish verma house

Chhattisgarh CBI Raid: छत्तीसगढ़ में महादेव सट्टा एप घोटाले को लेकर CBI की छापेमारी लगातार जारी है। शनिवार को CBI की 4 अधिकारियों की टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के OSD रहे आशीष वर्मा के घर दबिश दी। इस दौरान CBI अधिकारियों ने करीब पांच घंटे तक जांच-पड़ताल की और कई अहम दस्तावेज जब्त किए।

महादेव सट्टा एप मामले में कई बड़े नाम

इससे पहले 26 मार्च को CBI ने रायपुर, भिलाई समेत 33 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उनके राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा, पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, IPS अधिकारी आनंद छाबड़ा, विधायक देवेंद्र यादव, और पूर्व OSD मनीष बंछोर व आशीष वर्मा के घरों पर कार्रवाई की गई थी।

जब्त किए जमीन और IT रिटर्न के दस्तावेज

शनिवार को CBI की टीम सुबह करीब 9 बजे आशीष वर्मा के भिलाई स्थित आवास पहुंची। अधिकारियों ने महादेव सट्टा एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और अन्य लोगों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की। CBI ने IT रिटर्न फाइल और जमीन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जब्ती बनाई और उन्हें अपने साथ ले गई।

पिछली छापेमारी के दौरान घर पर नहीं थे आशीष वर्मा

CBI ने 26 मार्च को भी आशीष वर्मा के घर दबिश दी थी, लेकिन वे उस वक्त परिवार के साथ कश्मीर में थे। अधिकारियों ने उनके घर को सील कर दिया था और नोटिस चस्पा कर लौट गई थी। जब आशीष वर्मा शुक्रवार को वापस लौटे, तो उन्होंने CBI से संपर्क किया, जिसके बाद शनिवार को टीम दोबारा जांच के लिए पहुंची।

कई बड़े नेताओं और अधिकारियों पर शक

महादेव सट्टा एप से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच पहले ED और ACB ने की थी। अगस्त 2024 में छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले को CBI को सौंप दिया। CBI की जांच में भूपेश बघेल और अन्य अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई।

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भूपेश बघेल को बनाया आरोपी

4 मार्च को ACB ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें भूपेश बघेल पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, जालसाजी और विश्वासघात के गंभीर आरोप लगाए गए। इसके बाद से ही CBI लगातार छत्तीसगढ़ में छापेमारी कर रही है और इस घोटाले से जुड़े लोगों की संपत्तियों और दस्तावेजों की जांच कर रही है।

जल्द हो सकते हैं और बड़े खुलासे

CBI की इस लगातार छापेमारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल आ गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस घोटाले से जुड़े और भी बड़े नाम जल्द सामने आ सकते हैं। CBI अपनी जांच को तेजी से आगे बढ़ा रही है और आने वाले दिनों में और छापेमारी हो सकती है।

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