छत्तीसगढ़ में OBC आरक्षण के नए नियम को हाईकोर्ट में चुनौती: HC ने सरकार और निर्वाचन आयोग से मांगा जवाब, जानें पूरा मामला

Bilaspur High Court: छत्तीसगढ़ में OBC आरक्षण के नए नियम को हाईकोर्ट में चुनौती, HC ने सरकार और निर्वाचन आयोग से मांगा जवाब, जानें पूरा मामला

Bilaspur High Court

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Bilaspur High Court: पंचायत चुनावों में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण को लेकर दायर की गई याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

याचिका हेमंत कुमार साहू ने दायर की थी, जो ग्राम पंचायत घुटुरकुंडी, जनपद पंचायत पंडरिया, जिला कबीरधाम के निवासी हैं। उन्होंने अपने वकील वैभव पी. शुक्ला और आशीष पाण्डेय के माध्यम से यह याचिका दायर की थी।

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याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को दिए ये तर्क

याचिकाकर्ता ने अदालत में यह मुद्दा उठाया कि पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण के निर्धारण के लिए जो नए नियम बनाए गए हैं, उसमें प्रत्येक ब्लॉक में ओबीसी जनसंख्या के अनुपात में सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है।

वकील वैभव पी. शुक्ला ने तर्क दिया कि राज्य सरकार के पास ओबीसी जनसंख्या के सही आंकड़े नहीं हैं, और बिना सही आंकड़ों के आरक्षण का निर्धारण करना संविधान के सिद्धांतों का उल्लंघन होगा।

राज्य सरकार को एक सप्ताह के भीतर जवाब देने का आदेश

इस मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस बी. डी. गुरु ने इसे गंभीरता से लिया और राज्य सरकार को एक सप्ताह के भीतर जवाब देने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई तब होगी, जब राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग अपना जवाब प्रस्तुत करेंगे।

यह मामला पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण के निर्धारण प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। यदि अदालत राज्य सरकार के तर्कों को खारिज करती है, तो आरक्षण प्रक्रिया में संशोधन हो सकता है।

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