बस्तर में सरकारी डॉक्टर की लापरवाही: घर पर चल रहा था अस्पताल जैसा अवैध क्लिनिक, प्रशासन ने किया सील

Bastar Doctor Illegal Clinic: बस्तर में सरकारी डॉक्टर की लापरवाही, घर पर चल रहा था अस्पताल जैसा अवैध क्लिनिक, प्रशासन ने किया सील

Bastar Doctor Illegal Clinic

Bastar Doctor Illegal Clinic: छत्तीसगढ़ के बस्तर (Bastar) जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां बास्तानार स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एमबीबीएस डॉक्टर एस एस भारद्वाज (Dr. S. S. Bharadwaj) ने अपने घर पर ही एक अवैध क्लिनिक (Illegal Clinic) खोल रखा था, जिसमें वह अस्पताल जैसी सुविधाएं दे रहा था।

यह भी पढ़ें: CG News:सर्पदंश की झूठी कहानी का भंडाफोड़, पुलिस ने डॉक्टर, वकील समेत 5 लोगों के खिलाफ किया मामला दर्ज, जानें पूरा मामला

घर पर चला रहा था चार बेड वाला "मिनी अस्पताल"

डॉ. भारद्वाज ने अपने घर, जो कि बड़े किलेपाल (Bade Kilepal) गांव में स्थित है, में एक क्लिनिक की आड़ में चार बेड वाला वार्ड, जांच कक्ष और दवाओं की स्टोर बना रखा था।

सरकारी डॉक्टर चला रहा था अपना प्राइवेट हॉस्पिटल, SDM ने मारा छापा, प्रशासन ने किया सील

यहां मरीजों को निजी रूप से इलाज दिया जा रहा था, जो न सिर्फ नियमों का उल्लंघन (Violation of Rules) था, बल्कि सरकारी सेवा की मर्यादा के खिलाफ भी था।

शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आया

स्थानीय लोगों ने इस अवैध गतिविधि की शिकायत प्रशासन से की थी। इसके बाद एसडीएम (SDM) की अगुवाई में एक टीम बनाई गई, जिसमें बीएमओ (BMO), तहसीलदार (Tehsildar) और थाना प्रभारी (Police Station In-charge) को शामिल किया गया।

टीम ने मौके पर पहुंचकर जब जांच की तो वहां अवैध अस्पताल जैसी पूरी व्यवस्था देखकर वह चौंक गई।

क्लिनिक सील, स्वास्थ्य विभाग को सौंपा गया जांच

प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए क्लिनिक को सील कर दिया और पूरे मामले की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग (Health Department) को सौंप दी है।

बताया जा रहा है कि डॉक्टर ड्यूटी के दौरान ही मरीजों को घर बुलाकर इलाज करता था, जिससे उसकी सरकारी सेवाओं में लापरवाही भी स्पष्ट होती है।

सरकारी नौकरी में रहते हुए निजी प्रैक्टिस पर सवाल

सरकारी डॉक्टर द्वारा अवैध रूप से निजी प्रैक्टिस करना न सिर्फ नीतियों का उल्लंघन है, बल्कि यह जनता के स्वास्थ्य अधिकारों के साथ विश्वासघात भी है।

यह मामला छत्तीसगढ़ के ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे पर भी सवाल खड़े करता है, जहां अधिकारी बिना डर के नियमों को ताक पर रखकर अपनी सुविधानुसार काम कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: बिलासपुर हाईकोर्ट से भूपेश बघेल को झटका: पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव याचिका पर होगी सुनवाई, तकनीकी आपत्ति खारिज

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article