सीडीएससीओ की समिति ऑक्सफोर्ड के टीके के आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए सिफारिश की तैयारी में

नयी दिल्ली, एक जनवरी (भाषा) केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड-19 पर एक विशेषज्ञ समिति ऑक्सफोर्ड के कोरोना वायरस रोधी टीके कोविशील्ड के आपात इस्तेमाल की मंजूरी देने के लिए सिफारिश करने की तैयारी में है। इस टीके का उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कर रहा है। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने कोविशील्ड के उत्पादन के लिए एस्ट्रेजेनेका के साथ करार किया है। एसआईआई दुनिया की सबसे बड़ी टीका निर्माता कंपनी है।

ब्रिटेन की मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (एमएचआरए) ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में वैज्ञानिकों द्वारा विकसित तथा एस्ट्रेजेनेका द्वारा निर्मित टीके को बुधवार को मंजूरी प्रदान की थी।

सीडीएससीओ की कोविड-19 पर विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने बुधवार को टीके के आपात उपयोग की मंजूरी देने के एसआईआई के आवेदन पर विचार किया था और इस मामले में शुक्रवार को एक बार फिर समीक्षा की। सीडीएससीओ ने एसआईआई से पहले अतिरिक्त सुरक्षा और प्रतिरक्षा संबंधी जानकारी मांगी थी।

सूत्रों ने बताया कि एसआईआई के आवेदन के बाद समिति ने भारत बायोटेक के कोविड-19 रोधी टीके कोवैक्सीन के आपात उपयोग की मंजूरी देने की उसकी अर्जी पर विचार करना भी शुरू किया है लेकिन इस मामले में अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

आपात उपयोग की मंजूरी (ईयूए) के आवेदन पर एसआईआई में सरकार और नियामक मामलों के अतिरिक्त निदेशक प्रकाश कुमार सिंह के हस्ताक्षर हैं जिसमें कहा गया है, ‘‘सुरक्षा के लिहाज से देखें तो कोविशील्ड ने अपेक्षित प्रतिकूल स्थितियों में अच्छा प्रदर्शन किया। अधिकतर अपेक्षित प्रतिक्रियाएं गंभीरता के लिहाज से बहुत मामूली थीं और उन्हें सुलझा लिया गया तथा कोई अन्य लक्षण नहीं दिखाई दिये।’’

आवेदन के अनुसार, ‘‘इसलिए कोविशील्ड सुरक्षित है और लक्षित जनसंख्या पर कोविड-19 की रोकथाम के लिए इसका प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है।’’

एसआईआई ने ऑक्सफोर्ड के टीके के आपात उपयोग की मंजूरी के लिए छह दिसंबर को भारत के औषध महानियंत्रक (डीसीजीआई) को आवेदन किया था, वहीं हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने सात दिसंबर को आपने स्वदेश विकसित कोवैक्सीन टीके की मंजूरी के लिए अर्जी दाखिल की थी।

फाइजर कंपनी ने अपने टीके को नियामक मंजूरी देने के लिए चार दिसंबर को आवेदन किया था।

भाषा

वैभव पवनेश

पवनेश

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