CBSE New Syllabus AI : छोटी कक्षाओं से ही बच्चे करने लगेगें कंप्यूटर की तरह काम, CBSE लाया नया हाइटेक सिलेबस

अब सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग को कोर्स में क्लास 6 से ही शामिल करने का फैसला किया है।

CBSE New Syllabus AI : छोटी कक्षाओं से ही बच्चे करने लगेगें कंप्यूटर की तरह काम, CBSE लाया नया हाइटेक सिलेबस

 

नई दिल्ली। CBSE New Syllabus AI जैसा कि, पुरानी शिक्षा नीति के बाद अब शिक्षा डिजिटल हो गई है वही पर अब नई शिक्षा नीति के तहत स्कूली बच्चों को बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है जहां पर अब सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग को कोर्स में क्लास 6 से ही शामिल करने का फैसला किया है। जिसके साथ बच्चे छोटी कक्षाओं से ही कंप्यूटर की तरह काम करने लगेगे।

 

AI को शामिल करने पर क्या होगा

यहां पर आपको बताते चले कि, शिक्षा की उत्पादकता बढ़ाने के लिए आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस को नए सिलेबस में शामिल करने की तैयारी है। यहां पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक मशीन की सोचने, सीखने और सामान्य रूप से इंसान की तरह काम करने वाली मशीन है। सीबीएसई 6वीं से 8वीं क्लास तक के स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग पर जोर देने की बात की जा रही है। इससे कोडिंग जैसे विषय भी जल्दी पढ़ाए जाएंगे। बता दें कि, स्टूडेंट्स के लिए टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट कोडिंग का सिलेबस तैयार करेगी।

इन लेटेस्ट विषयों पर भी होगी पढ़ाई

आपको बताते चलें कि, सीबीएसई बोर्ड ने कुल बोर्ड ने 33 विषयों को सूची बनाई है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फाइनेंशियल लिटरेसी, कोडिंग, डेटा साइंस, कोविड-19, कश्मीरी कढ़ाई, और जैसे सब्जेक्ट शामिल किये गए है। स्कूलों को बताया गया है कि इन विषयों के लिए 70 प्रतिशत समय प्रैक्टिकल और 30 प्रतिशत थ्योरी में लगाना है। इसके अलावा ये मॉड्यूल 12-15 घंटे की अवधि के होते हैं। इसके साथ ही स्किल मॉड्यूल सिखाने के लिए स्कूल 'बैग लैस डे' या छुट्टी वाले दिन को एक लर्निंग डे के ऋण में सिखाया जायेगा। आपको बताते चलें कि, CBSE की तरफ से जारी सर्कुलर के मुताबिक कक्षा 6 से 8 में ही कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में पढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही, बोर्ड ने डेटा साइंस को कक्षा 8 के कोर्स में शामिल करने का फैसला किया है। नयी पॉलिसी के तहत स्टूडेंट्स को कोडिंग जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article