CBI Raid: CGPSC घोटाला मामले में CBI की एक के बाद एक कार्रवाई, PSC चेयरमैन और राज्यपाल के पूर्व सचिव के ठिकानों पर छापा

CBI Raid in Chhattisgarh: सीजीपीएससी (CGPSC) भर्ती घोटाला मामले में सीबीआई (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई की

CBI Raid: CGPSC घोटाला मामले में CBI की एक के बाद एक कार्रवाई, PSC चेयरमैन और राज्यपाल के पूर्व सचिव के ठिकानों पर छापा

CBI Raid in Chhattisgarh: सीजीपीएससी (CGPSC) भर्ती घोटाला मामले में सीबीआई (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की। भिलाई में IAS अफसर अमृत पाल खलखो और बीएसपी कर्मी लालजी कौशिक के घर अधिकारियों ने करीब 10 घंटे पूछताछ की। उनके दस्तावेज खंगाले और बच्चों के लैपटॉप और फोन भी चेक किए। CBI ने खलखो और उनके बेटे को बयान दर्ज कराने रायपुर दफ्तर बुलाया है।

दरअसल, CBI की टीम ने 7 अगस्त को दुर्ग, महासमुंद, धमतरी और बिलासपुर जिले में एक साथ दबिश दी थी। जिसमें पूर्व गवर्नर के सेक्रेटरी रहे अमृत खलखो, कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला, CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी और लेबर अफसर सुनीता जोशी का मायका महासमुंद का हरदी गांव शामिल है।

सीबीआई की टीम ने बुधवार सुबह रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग, भिलाई, धमतरी समेत कई शहरों में कार्रवाई की और छापेमारी कर दबिश दी।

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) घोटाला मामले में कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने बुधवार सुबह राज्यपाल के पूर्व सचिव आईएएस अमृत खलको, पीएससी के पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी और कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के निवास समेत कई स्थानों पर दबिश दी।

सीबीआई सीजी पीएससी घोटाले में जांच कर रही है। PSC घोटाले मामले में सीबीआई जांच शुरू होने के बाद राज्यपाल के सचिव पद से अमृत खलको को हटा दिया गया था।

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PSC के पूर्व चेयरमैन के तीन जगहों पर छापा

रायपुर में पीएससी (PSC) के पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी के घर स्वर्णभूमि के साथ तीन स्थानों पर सीबीआई (CBI) ने छापा मार कार्रवाई की है।

इसके साथ ही बिलासपुर में कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के यदुनंदन नगर और तिफरा क्षेत्र के नए बस स्टैंड के पास स्थित मकान पर CBI ने छापेमारी कर कार्रवाई की।

राजेंद्र शुक्ला के बेटे स्वर्णिम शुक्ला का चयन आदिमजाति कल्याण विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर पद पर हुआ था।

सीबीआई (CBI)  की टीम इन सभी जगहों पर दबिश देकर CGPSC घोटाले की जांच कर रही है। CBI की कार्रवाई छत्‍तीसगढ़ में जोरों से चल रही है।

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क्‍या था पूरा मामला

आपको बता दें तत्कालीन अध्यक्ष, अधिकारियों और राजनेताओं के परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को पीएससी 2022 (CGPSC 2022) के दौरान जिला कलेक्टरेट और डिप्टी एसपी के रूप में नियुक्त किया गया था।

नियुक्त के बाद इसपर धांधली का मामला गर्म हो गया था। जिसके बाद प्रदेश में बीजेपी की सरकार आने के बाद मामले की जांच सीबीआई के हाथों में सौंप दिया गया था।

जिसके बाद सीबीआई (CBI) ने आज सुबह इस मामले की जांच के लिए राज्‍य में कई जिलों और शहरों में छापेमारी की है।

इन पर दर्ज हुई FIR

इस मामले की जांच कर रही जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) ने सीजीपीएससी में गड़बड़ी मामले में अभी तक इन लोगों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की है।

उसमें तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, सचिव जेके ध्रुव और अन्य के खिलाफ कथित भाई-भतीजावाद और अपने अयोग्य बेटों, बेटी, रिश्तेदारों और परिचितों को जिला कलेक्टर, डिप्टी एसपी के बड़े पदों पर भर्ती सुनिश्चित करने के लिए मेरिट सूची में डालने का आरोप है।

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