338 लोगों पर मामला दर्ज, पुलिस की सुरक्षा में राजू का हुआ अंतिम संस्कार, गांव में पुलिस तैनात

338 लोगों पर मामला दर्ज, पुलिस की सुरक्षा में राजू का हुआ अंतिम संस्कार, गांव में पुलिस तैनात Case registered against 338 people, Raju was cremated under police protection, police deployed in the village

338 लोगों पर मामला दर्ज, पुलिस की सुरक्षा में राजू का हुआ अंतिम संस्कार, गांव में पुलिस तैनात

रायसेन। रायसेन जिले के खमरिया पौड़ी गांव में होली की रात काे दाे समुदाय के बीच हुए खूनी संघर्ष के खत्म होने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अमला एक्शन में आ गया है। इस विवाद में अब तक पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से 338 लोगों पर मामला दर्ज किया है। इसमें 38 नामजद हैं। बता दें कि इस इलाके में एक गली से निकलने की बात को लेकर हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते बड़े संघर्ष में बदल गया था। जिसके बाद दोनों की पक्षो की ओर से पथराव और हथियार चले। इस दौरान कई दुकानों और गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया गया था। वहीं झगड़े के दौरान जमकर फायरिंग की गई, जिसमें एक आदिवासी राजू की मौत हो गई। इस पूरे मामले में 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। वहीं सूचना मिलने पर 4 थानों का पुलिस अमला इस गांव में पहुंचा और विवाद शांत कराया।

पुलिस आरोपियों पर कार्यवाही करते हुए 12 बोर की दो राइफलें, दो ट्रैक्टर, बोलेरो गाड़ी जब्त कर ली हैं। इसके साथ ही पुलिस ने उपद्रवियों के चार मकान, एक दुकान को जेसीबी से तुड़वा दिया और भारी मात्रा में अवैध फर्नीचर भी जब्त किया है।

338 लोगों पर मामला दर्ज

एक पक्ष के इन लोगों पर केस : राघवेंद्र आदिवासी, बड्डू आदिवासी, रमेश आदिवासी, भारत आदिवासी, गोविंद आदिवासी, हरि सिंह आदिवासी, देवेंद्र आदिवासी, साहब आदिवासी, महेश आदिवासी, राजू आदिवासी, रामजी आदिवासी, कैलाश आदिवासी, राजकुमार आदिवासी, आनंद आदिवासी, नरेंद्र आदिवासी, रमेश आदिवासी, सुल्तान आदिवासी, छोटू आदिवासी, बलराम धाकड़, रामकुमार, कमलेश कुशवाह, भगवत सहित अन्य 250 लोगों पर मामला दर्ज हुआ है।

दूसरे पक्ष के इन लाेगाें पर केस : मोहम्मद रमजान, उमर, मोहम्मद मजउद्दीन, मोहब्बत आबिद, रफीक, परवेज, मोहम्मद फैज, यासिर, महफूज खान, इश्तियाक खान, नवेद, आफताब मौलाना, चांद, बादल, नईम, वसीर सहित अन्य 30 से 40 लोगों पर मामला दर्ज किया।

गांव में पुलिस तैनात

इस विवाद के बाद अब गांव के हालात सामान्य हो गए हैं, लेकिन अभी भी पुलिस प्रशासन गांव में मौजूद है। इसके साथ ही इस झगड़े में जान गंवा चुके राजू आदिवासी का अंतिम संस्कार भी पुलिस की मौजूदगी में किया गया है।

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