सीएम पद से कैप्टन ने दिया इस्तीफा, अमरिंदर बोेले-जिसपर विश्वास है उसे मुख्यमंत्री बनाए

जाब कांग्रेस में घमासान के बाद मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सीएम के पद से शनिवार को इस्तीफा दे दिया। बैठक से पहले शाम को कैप्टन अमरिंदर सिंह राज्यपाल से मुलाकात करने राजभवन पहुंचे थे और राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया। कांग्रेस की पंजाब इकाई में फिर तेज हुई तनातनी के बीच पार्टी आलाकमान के निर्देश पर शनिवार शाम को विधायक दल की बैठक बुलाई है।

सीएम पद से कैप्टन ने दिया इस्तीफा, अमरिंदर बोेले-जिसपर विश्वास है उसे मुख्यमंत्री बनाए

चंडीगढ़/नई दिल्ली। पंजाब कांग्रेस में घमासान के बाद मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh ) ने सीएम के पद से शनिवार को इस्तीफा दे दिया। बैठक से पहले शाम को कैप्टन अमरिंदर सिंह राज्यपाल से मुलाकात करने राजभवन पहुंचे थे और राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया। कांग्रेस की पंजाब इकाई में फिर तेज हुई तनातनी के बीच पार्टी आलाकमान के निर्देश पर शनिवार शाम को विधायक दल की बैठक बुलाई है। कई विधायकों ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को हटाने की मांग करते हुए सोनिया गांधी को पत्र भी लिखा था।

40 विधायकों के मोर्चा खोलने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh )मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही उनके मंत्रिमंडल ने भी इस्तीफा सौंप दिया। वह 20 विधायकों और अधिकतर पंजाब के सांसदों के साथ राजभवन पहुंचे थे। राजभवन के बाहर से मीडिया को संबोधित करते हुए कैप्टन ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में तीसरी बार यह हुआ है। इससे वह अपमानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुबह ही इस्तीफा देने का फैसला कर लिया था और इसकी जानकारी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी दे दी थी।

इन नामों की चल रही चर्चा 

सीएम पद के लिए कई नामों की चर्चा चल रही हैं उनमें सबसे आगे सुखविंदर रंधावा, प्रताप सिंह बाजवा,राजिंदर कौर भट्ठल, नवजोत सिंह सिद्धू आदि की चर्चा है । अब देखना यह होगा की कांग्रेस का हाईकमान किस नाम पर अपनी मुहर लगाता है।  विधायक दल की यह बैठक मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के बीच पिछले कई महीनों से चल रही तनातनी की पृष्ठभूमि में हो रही है।

बार बार ‘अपमान’ को लेकर नाराज थे अमरिंदर
पंजाब प्रदेश कांग्रेस में संकट बढ़ने के बाद अमरिंदर सिंह ने भी सोनिया गांधी से बात की और बार बार हो रहे अपने ‘अपमान’ को लेकर नाराजगी जताई थी। सूत्रों का कहना है कि यह संकट ‘गंभीर’ है क्योंकि बहुत सारे विधायकों ने विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले मुख्यमंत्री को बदलने की मांग की है। विधायकों ने अपने पत्र में सोनिया गांधी ने विधायक दल की बैठक बुलाने कर मांग की। पार्टी आलाकमान ने शनिवार शाम बैठक बुलाने का निर्देश दिया और वरिष्ठ नेता अजय माकन और हरीश चौधरी को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया। कांग्रेस महासचिव और पंजाब प्रभारी हरीश रावत भी विधायक दल की बैठक में मौजूद रहें।

बीजेपी का पंजाब घटनाक्रम पर हमला
पंजाब में जारी सियासी घटनाक्रम पर बीजेपी लगातार कांग्रेस पर हमला बोल रही है। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा है कि जहाज जब डूबने वाला होता है तो हिचकोले खाने लगता है। उन्होंने अंबाला में कहा कि पंजाब कांग्रेस उसी प्रकार ने हिचकोले खा रही है। इसी वजह से इनका आपसी टकराव हो रहा है.
सिद्धू के बीच पिछले कई महीनों से चल रही तनातनी
विधायक दल की इस महत्वपूर्ण बैठक से पहले पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने शनिवार को कहा कि राहुल गांधी ने पार्टी की राज्य इकाई में उलझी हुई गुत्थी को सुलझाने का जो रास्ता अपनाया है उसने न सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है, बल्कि अकाली दल की बुनियाद हिल गई है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘वाह राहुल गांधी, आपने बेहद उलझी हुई गुत्थी के पंजाबी संस्करण के समाधान का रास्ता निकाला है। आश्चर्यजनक ढंग से नेतृत्व के इस साहसिक फैसले ने न सिर्फ पंजाब कांग्रेस के झंझट को खत्म किया है, बल्कि इसने कार्यकर्ताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है और अकालियों की बुनियाद हिला दी है।

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