CAG Report: MP में कर्मचारियों के अंतिम संस्कार राशि डकार गए भ्रष्टाचारी, 1.68 करोड़ अन्य खातों में कर दिए ट्रांसफर

CAG Report MP Corruption: नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG Report) में मध्यप्रदेश में पंजीकृत कर्मकारों की अंत्येष्टि और अनुग्रह सहायता राशि में बड़ा घोटाला सामने आया है। Report में 142 प्रकरणों में 52 बैंक खातों में 1.68 करोड़ रुपए का भुगतान अन्य लोगों को कर दिया गया।

CAG Report MP Corruption

CAG Report MP Corruption: नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG Report) में मध्यप्रदेश में पंजीकृत कर्मकारों की अंत्येष्टि सहायता और अनुग्रह सहायता राशि में भारी गड़बड़झाला सामने सामने आया है। CAG Report के अनुसार, 142 प्रकरणों में 52 बैंक खातों में 1.68 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया, लेकिन ये खाते कर्मकारों के उत्तराधिकारियों के नहीं थे।

कैसे होती है राशि जारी?

कर्मकार कल्याण योजना निधि के तहत, यदि किसी पंजीकृत कर्मकार की मृत्यु हो जाती है, तो उसके उत्तराधिकारी को अंत्येष्टि सहायता और अनुग्रह राशि प्राप्त करने के लिए एक तय प्रारूप में आवेदन देना होता है। इसके बाद, अधिकारी सत्यापन कर राशि सीधे उत्तराधिकारी के बैंक खाते में जमा कराते हैं। लेकिन कैग रिपोर्ट (CAG Report) बताती है कि इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और इनके अधिकार की धनराशि अन्य खातों में ट्रांसफर कर दी गई।

सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और क्रियान्वयन पर सवाल

रिपोर्ट बताती है कि इस घोटाले के कारण पीड़ित परिवारों को उनका हक नहीं मिल पाया, जिससे वे जरूरी सुविधाओं से वंचित रह गए। दूसरी ओर, अनाधिकृत व्यक्तियों के खाते में सरकारी धन जमा हो गया। जिससे असली लाभार्थियों को आर्थिक नुकसान हुआ। यह मामला सरकारी धन के दुरुपयोग को उजागर करता है, जहां योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचने के बजाय गलत हाथों में चला गया। इससे ना केवल आर्थिक अनियमितता सामने आई, बल्कि सरकार की योजनाओं की पारदर्शिता और क्रियान्वयन पर भी सवाल खड़े हो गए।

कैग रिपोर्ट में खुलासा: बाढ़ से प्रभावित लोगों की राहत राशि डकार गए अधिकारी, रिश्तेदारों के खाते में डाले करोड़ों रुपए

CAG Report Corruption।

CAG Report Corruption: नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की विधानसभा में पेश रिपोर्ट के अनुसार, प्राकृतिक आपदा पीड़ितों को दी जाने वाली राहत राशि में भ्रष्टाचार की गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। ई-भुगतान प्रणाली आईएफएमआईएस (IFMIS) जो भ्रष्टाचार रोकने के लिए लागू की गई थी, वही अब गबन का माध्यम बन गई है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 13 जिलों में 23.81 करोड़ रुपए सरकारी कर्मचारियों और उनके रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

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