Budhaditya Yog : नीच राशि में प्रवेश कर गया बुध, जल्दबाजी में लिया गया निर्णय डाल सकता है मुसीबत में

Budhaditya Yog : नीच राशि में प्रवेश कर गया बुध, जल्दबाजी में लिया गया निर्णय डाल सकता है मुसीबत में

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नई दिल्ली। अभी तक कुंभ राशि में Budh Gochar 2022: चल रहे बुध आज यानि 23 मार्च को अपनी नीच Budhaditya Yog  राशि मीन में प्रवेश करने जा रहे हैं। जी हां अभी तक शनि की राशि कुंभ में चल रहे बुध 23 मार्च का मीन में गोचर करेंगे। ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार ज्ञान, बुद्धि का कारक माने जाने वाला बुध जब अपनी नीच राशि में प्रवेश करता है तो ये बेहद खराब माना जाता है। खासतौर पर जिन जातकों की कुं​डली में बुध तीसरे और छटवें भाव में होते हैं, उनके लिए ये बेहद शुभ फल देते हैं। बुध 8 अप्रैल, 2022 की दोपहर 12 बजकर 06 मिनट तक इसी स्थिति में रहेंगे।

नवग्रहों का राजा बुध संचार का कारक ग्रह माना जाता है। कुंडली में बुध की स्थिति मजबूत होने पर व्यक्ति बौद्धिक रूप से धनी होता है। उसमें चीज़ों का विश्लेषण करने की अच्छी क्षमता होती है। आपको बता दें बुध सभी 12 राशियों में गोचर करने के लिए एक साल का समय लगता है।

इन्हें रहना होगा सतर्क —
पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार चूंकि बुध अपनी नीच राशि में प्रवेश कर रहे हैं और सूर्य पहले से ही मीन में बैठै हैं। ऐसे में सूर्य के साथ बना ये बुधादित्य योग अशुभ फल देगा। बौद्धिक रूप से सभी को सतर्क रहने की जरूरत है। खासतौर पर उन लोगों को जिनकी कुंडली में बुध 12 वें यानि मीन राशि में बैठा है।

क्या पड़ेगा इसका असर —
बुध जब भी अपनी राशि बदलकर नीच राशि में प्रवेश करता है। तो इस दौरान हमारी निर्णय लेने की क्षमता बदलती है। किसी भी कार्य पर हम सोचने के क्षमता में भ्रमित होने लगते हैं। हो सकता है किसी चीज को लेकर आप ऐसा निर्णय ले लें जो भविष्य में आपको मु​सीबत में डाल दें। इस दौरान आपको कुसंगति से भी बचना होगा। गलत संगति में पड़ कर आप किसी विवाद में भी फस सकते हैं।

ऐसी होती है बुध ग्रह की प्रकृति —
ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार बुध ग्रह मिथुन और कन्या राशि के स्वामी है। अपने भ्रमण काल के दौरान जब बुध कन्या राशि में आता है तो उसे उच्च का कहा जाता है। जबकि मीन राशि में ये नीच के माने जाते हैं। कन्या राशि 16 से 20 अंश तक यह मूल त्रिकोण में माना जाता है।

मिश्रित स्वभाव का ग्रह है बुध —
बुध मिश्रित स्वभाव का ग्रह है। पापी ग्रह के साथ होने पर यह पापी हो जाता है। इसे हरा रंग का माना जाता है। किसी जातक का रंग जानने के लिए इसे श्याम वर्ण का माना जाता है। इसमें पृथ्वी तत्व की प्रधानता होती है। वाणी, बुद्धि, चर्म, वात, पित्त और कफ का विश्लेषण बुध ग्रह से किया जाता है। बुध प्रधान लोग अक्सर लेखक, कवि, गणितज्ञ, बैंकर, सीए, चित्रकार, प्रखर वार्ताकार और तर्क से सब को परास्त करने वाले होते हैं। बुध ग्रह के प्रभाव से लोगों को बैंकर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, व्यवसायिक बनते देखा गया है। अच्छे व्यवसाय के लिए जातक की कुंडली में बुध का मजबूत होना आवश्यक है। बुध राशि के जातक बहुत अच्छे शिल्पकार भी होते हैं। इस ग्रह को वैश्य जाति का ग्रह कहते हैं। इससे प्रभावित जातकों का भाग्योदय 32 वर्ष पर होता है।

साल 2022 में बुध की चाल —

जनवरी — मकर राशि में
फरवरी — 4 फरवरी
मार्च — 6, 23 मार्च
अप्रैल — 8, 24 अप्रैल
मई — 10 मई
जून — 4 जून
जुलाई — 2, 16, 31 जुलाई
अगस्त — 20 अगस्त
सितंबर — 10 सितंबर
अक्टूबर — 1, 2, 26 अक्टूबर
नवंबर — 13 नवंबर
दिसंबर — 2 दिसंबर

नोट : इस लेख में दी गई सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित है। बंसल न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता। अमल में लाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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