Budh ka Gochar : 10 मई तक इन राशियों पर बरसेगी बुध की कृपा

नई दिल्ली। आज से 4 दिन बाद Budh Ka Gochar 2022 यानि 24 अप्रैल को बुध Kamjor Budh ke Lakshan Or Upay अपनी चाल बदलने जा रहा है। यानि रविवार को Budh Transits in Kumbh बुध कुंभ से मीन में प्रवेश करेंगे। इसके बाद ये 10 मई तक इसी स्थिति में रहेंगे। ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार बुध ग्रह को वाणी, बुद्धि, चर्म, वात, पित्त और कफ का कारक माना जाता है। सा​थ ही इसकी गिनती नपुंसक ग्रहों में होती है। आपको बता दें इसके पहले बुध मकर राशि में मार्गी में चल रहे थे। जो वर्तमान में सीधी चाल के साथ कुंभ में प्रवेश चल रहे हैं।

पर क्या आप जानते हैं कि जब बुध आपकी कुंडली में कमजोर होता है तो उसके क्या लक्षण दिखाई देते हैं। यदि नहीं तो चलिए हम आपको बताते हैं। साथ ही आपको बताएंगे कि इसे दूर करने के क्या सबसे आसान उपाय हैं।

ऐसी होती है बुध ग्रह की प्रकृति —
ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार बुध ग्रह मिथुन और कन्या राशि के स्वामी है। अपने भ्रमण काल के दौरान जब बुध कन्या राशि में आता है तो उसे उच्च का कहा जाता है। जबकि मीन राशि में ये नीच के माने जाते हैं। कन्या राशि 16 से 20 अंश तक यह मूल त्रिकोण में माना जाता है।

मिश्रित स्वभाव का ग्रह है बुध —
बुध मिश्रित स्वभाव का ग्रह है। पापी ग्रह के साथ होने पर यह पापी हो जाता है। इसे हरा रंग का माना जाता है। किसी जातक का रंग जानने के लिए इसे श्याम वर्ण का माना जाता है। इसमें पृथ्वी तत्व की प्रधानता होती है। वाणी, बुद्धि, चर्म, वात, पित्त और कफ का विश्लेषण बुध ग्रह से किया जाता है। बुध प्रधान लोग अक्सर लेखक, कवि, गणितज्ञ, बैंकर, सीए, चित्रकार, प्रखर वार्ताकार और तर्क से सब को परास्त करने वाले होते हैं। बुध ग्रह के प्रभाव से लोगों को बैंकर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, व्यवसायिक बनते देखा गया है। अच्छे व्यवसाय के लिए जातक की कुंडली में बुध का मजबूत होना आवश्यक है। बुध राशि के जातक बहुत अच्छे शिल्पकार भी होते हैं। इस ग्रह को वैश्य जाति का ग्रह कहते हैं। इससे प्रभावित जातकों का भाग्योदय 32 वर्ष पर होता है।

बुध के बेहद आसान 6 उपाय —

  • हरी वस्तुओं का दान।
  • गाय को हरा चारा खिलाएं।
  • 9 कन्याओं को हरें रुमाल दान करें।
  • गणेशजी को दूर्बा चढ़ाएं।
  • घर के आसपास सूखे पौधे हटाकर नया पौधा लगाएं।
  • तुलसी का पौधा दान करें।
  • बुध का यह गोचर व्यक्ति की बुद्धि में परिवर्तन लाएगा। इस दौरान उन्हें हर कार्य बड़ी ही सावधानी के साथ करने की सलाह दी जा रही है। चूंकि बुध ग्रह हरा तत्व प्रधान भी है। इसलिए इस दौरान हरी रंग प्रधान वस्तुओं जैसे हरी सब्जी, हरी दालों आदि के दाम बढ़ सकते हैं।

आपके किस भाव में हैं बुध —

पंडित रामगोविन्द शास्त्री के अनुसार जिन जातकों की कुंडली में बुध आठवें, चौथे और बारहवें भाव में होता है। साथ ही साथ जिन्हें नीच के बुध हैं उन्हें विशेष सावधान रहने की जरूरत होती है। इसके ​अलावा धनु राशि में गोचर करने पर यह इस राशि के लिए शुभ रहेगा। बुध ग्रह कन्या राशि में उच्च के और मीन राशि में नीच के माने जाते हैं।

कमजोर बुध के संकेत —

  • बुध ग्रह बुद्धिमत्‍ता, वाणी, सौंदर्य, धन का कारक ग्रह है। लिहाजा आपकी जिंदगी में अचानक पैसों की तंगी हो जाए और आप कर्ज के बोझ से दबने लगें तो मान लीजिए कि आपका बुध ग्रह कमजोर हो रहा है।
  • अचानक मान हानि होने के साथ—साथ लोग आपका सम्‍मान बंद कर दें, बुध की कमजोरी के संकेत है।
  • आत्‍मविश्‍वास कम होना, खुद की बुद्धिमत्‍ता और निर्णयों पर संदेह करना।
  • महिला रिश्‍तेदारों जैसे बहन, बुआ, मौसी आदि से रिश्‍ते खराब होना।
  • दुर्बल होते जाना, जातक का तेज खत्‍म होना, चेहरा उतरा हुआ दिखने लगना।
  • बोलने और सुनने से जुड़े अंगों में समस्‍या।
  • दुर्बल बुध व्‍यापार में भी नुकसान कराता है।

ऐसे कर सकते हैं बुध को मजबूत —
बुध को मजबूत करने के लिए हरे रंग की चीजों का उपयोग करें। साथ ही उनका दान भी करें। जैसे- हरी मूंग, पालक, हरे रंग के शरबत का दान करें। सुहागिन महिलाओं को हरी चूड़ियां भेंट करें। खीरा, हरी सब्जियां, फल खाएं। हरे रंग के कपड़े पहनें।

नए साल में बुध की चाल —

जनवरी — मकर राशि में
फरवरी — 4 फरवरी
मार्च — 6, 24 मार्च
अप्रैल — 8, 24 अप्रैल
मई — 10 मई
जून — 4 जून
जुलाई — 2, 16, 31 जुलाई
अगस्त — 20 अगस्त
सितंबर — 10 सितंबर
अक्टूबर — 1, 2, 26 अक्टूबर
नवंबर — 13 नवंबर
दिसंबर — 2 दिसंबर

नोट : इस लेख में दी गई सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित है। बंसल न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता। अमल में लाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Share This

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password