Budh Ka Gochar 2022 : ग्रहों का युवराज ग्रह बुध, नए साल में मचाएगा धमाल, देखें कब—कब बदलेगी इनकी चाल

भोपाल। बुद्धि का देवता Budh Ka Gochar 2022 और ग्रहों का युवराज कहे जाने वाले ग्रह, बुध की चाल सभी अपना—अपना असर दिखाएगी। बुध ग्रह को वाणी, बुद्धि, चर्म, वात, पित्त और कफ का कारक माना जाता है। पं​डित अनिल कुमार पाण्डेय की मानें तो बुध ग्रह को नपुंसक माना जाता है। बुध ग्रह की पदवी ग्रहों के बीच में युवराज की है। आइए हम आपको बताते हैं कि नए साल में कब—कब इस ग्रह की चाल बदलेगी।

ऐसी होती है शुक्र ग्रह की प्रकृति —
ज्योतिषाचार्य पंडित अनिल कुमार पाण्डेय के अनुसार बुध ग्रह मिथुन और कन्या राशि के स्वामी है। अपने भ्रमण काल के दौरान जब बुध कन्या राशि में आता है तो उसे उच्च का कहा जाता है। जबकि मीन राशि में ये नीच के माने जाते हैं। कन्या राशि 16 से 20 अंश तक यह मूल त्रिकोण में माना जाता है।

मिश्रित स्वभाव का ग्रह है बुध —
बुध मिश्रित स्वभाव का ग्रह है। पापी ग्रह के साथ होने पर यह पापी हो जाता है। इसे हरा रंग का माना जाता है। किसी जातक का रंग जानने के लिए इसे श्याम वर्ण का माना जाता है। इसमें पृथ्वी तत्व की प्रधानता होती है। वाणी, बुद्धि, चर्म, वात, पित्त और कफ का विश्लेषण बुध ग्रह से किया जाता है। बुध प्रधान लोग अक्सर लेखक, कवि, गणितज्ञ, बैंकर, सीए, चित्रकार, प्रखर वार्ताकार और तर्क से सब को परास्त करने वाले होते हैं। बुध ग्रह के प्रभाव से लोगों को बैंकर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, व्यवसायिक बनते देखा गया है। अच्छे व्यवसाय के लिए जातक की कुंडली में बुध का मजबूत होना आवश्यक है। बुध राशि के जातक बहुत अच्छे शिल्पकार भी होते हैं। इस ग्रह को वैश्य जाति का ग्रह कहते हैं। इससे प्रभावित जातकों का भाग्योदय 32 वर्ष पर होता है।

jyotish anil kumar panday

नए साल में बुध की चाल —

जनवरी — मकर राशि में
फरवरी — 4 फरवरी
मार्च — 6, 24 मार्च
अप्रैल — 8, 24 अप्रैल
मई — 10 मई
जून — 4 जून
जुलाई — 2, 16, 31 जुलाई
अगस्त — 20 अगस्त
सितंबर — 10 सितंबर
अक्टूबर — 1, 2, 26 अक्टूबर
नवंबर — 13 नवंबर
दिसंबर — 2 दिसंबर

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