BR Ambedkar Statue In Vijayawada: तेलंगाना के CM करेंगे अनावरण ।

BR Ambedkar Statue In Vijayawada: भारत को आज मिल जाएगा डॉक्टर अंबेडकर की सबसे ऊंची मूर्ति का तोहफा, तेलंगाना के CM करेंगे अनावरण

BR Ambedkar Statue In Vijayawada
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BR Ambedkar Statue In Vijayawada: आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में शुक्रवार 19 जनवरी को भारतीय संविधान के निर्माता डॉ भीमराव अम्बेडकर की दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति का अनावरण किया जाऐगा।

इस मूर्ति को स्टैच्यू ऑफ सोशल जस्टिस नाम दिया गया है, जो दुनिया की टॉप 50 सबसे ऊंची मूर्तियों की लिस्ट में शामिल होगी।इसकी ऊंचाई जमीन से 206 फीट है। इससे पहले तेलंगाना में स्थित अंबेडकर की 175 फीट की ऊंची मूर्ति सबसे बड़ी मानी जाती थी।

आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्‌डी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, ‘विजयवाड़ा में हमारी सरकार द्वारा बनाया गया अंबेडकर का 206 फीट का महाशिल्पम न केवल राज्य के लिए बल्कि देश के लिए भी एक प्रतीक है।’

दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा

मुख्यमंत्री रेड्डी के अनुसार, आंबेडकर स्मृति वनम में लगने वाली यह प्रतिमा 81 फीट ऊंचे आसन पर स्थापित की गई है। आसन के ऊपर प्रतिमा की ऊंचाई 125 फीट है।

जमीन से कुल 206 फीट ऊंची मूर्ति दुनिया की सबसे ऊंची आंबेडकर प्रतिमा है।

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प्रसिद्ध मूर्तिकारों राम वनजी सुतार ने बनाया है

दिलचस्प बात यह है कि मूर्ति को प्रसिद्ध मूर्तिकारों राम वनजी सुतार (98) (Ram Vanji Sutar) और उनके बेटे अनिल राम सुतार (65) (Anil Ram Sutar) द्वारा उत्तर प्रदेश के नोएडा में राम सुतार ऑर्ट क्रिएशन ने डिजाइन किया गया था, जिन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा गुजरात (Gujarat) में सरदार वल्लभभाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (597 फीट) (Statue of Unity) सहित कई स्मारकीय मूर्तियां भी डिजाइन की थीं।

डॉ अम्बेडकर के बारे में जानिए…

डॉ. भीमराव अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्यप्रदेश के महू जिले में एक महार परिवार में हुआ था। महार जाति को उस समय अछूत समझा जाता था। बाबा साहेब के पिता सेना में थे और नौकरी के सिलसिले में यहां रहा करते थे। उनके पुरखे महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के अंबाडावे गांव से थे।

1906 में भीमराव अम्बेडकर की पहली शादी रमाबाई से हुई। रमाबाई ने उनकी पढ़ाई में बहुत मदद की। दोनों के 5 बच्चे थे, इनमें से केवल यशवंत अम्बेडकर जीवित रहे। 27 मई 1935 को लंबी बीमारी के बाद रमाबाई की मौत हो गई।

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