बोरिस जॉनसन ने कोविड-19 के नये स्वरूप से बढ़ रहे संकट के चलते भारत दौरा रद्द किया

नयी दिल्ली/लंदन, पांच जनवरी (भाषा) ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अपने देश में कोरोना वायरस के नये स्वरूप (स्ट्रेन) से पैदा हुए संकट के बढ़ने के चलते 26 जनवरी के गणतंत्र दिवस समारोह पर भारत की अपनी निर्धारित यात्रा रद्द कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि जॉनसन ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात कर अपना दौरा रद्द करने के लिए खेद प्रकट किया।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड के लिए मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था।

हालांकि, जॉनसन ने संकेत दिया है कि उनकी भारत यात्रा जी-7 शिखर सम्मेलन से पहले साल के पूर्वार्द्ध में होगी। ब्रिटेन की अध्यक्षता में यह सम्मेलन इस साल के अंत में प्रस्तावित है।

गौरतलब है कि जॉनसन ने एक दिन पहले टेलीविजन के माध्यम से ब्रिटेन को संबोधित करते हुए कहा था कि वायरस के नये स्वरूप (स्ट्रेन) से संक्रमण की दर अत्यधिक बढ़ने के कारण उनके मेडिकल प्रमुखों ने चेतावनी दी है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा खतरे का सामना कर रही है।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री के कार्यालय सह आवास, 10 डाउनिंग स्ट्रीट, के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री (जॉनसन) ने योजना के अनुसार इस महीने के आखिर में होने वाली अपनी भारत यात्रा पर नहीं जा सकने के लिए खेद प्रकट करने को लेकर आज सुबह प्रधानमंत्री मोदी से बात की।’’

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘बीती रात घोषित राष्ट्रीय लॉकडाउन के आलोक में और कोरोना वायरस के नये प्रकार के फैलने की गति के मद्देनजर प्रधानमंत्री (जॉनसन) ने कहा है कि उनके लिए यह जरूरी है कि वह ब्रिटेन में मौजूद रहें, ताकि वह वायरस के खिलाफ घरेलू प्रतिक्रिया पर ध्यान दे सकें।’’

दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंध के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया और महामारी के खिलाफ प्रतिक्रिया सहित दोनों देशों के बीच करीबी सहयोग के जरिए इसे जारी रखने की भी बात कही।

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह 2021 की पहली छमाही में और ब्रिटेन के जी-7 शिखर सम्मेलन से पहले भारत की यात्रा पर जा सकेंगे, जिसमें (सम्मेलन में) प्रधानमंत्री मोदी एक अतिथि के तौर पर शरीक होने वाले हैं।’’

जॉनसन ने 26जनवरी (2021) पर गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के तौर पर शरीक होने के लिए प्रधनमंत्री मोदी का न्योता पिछले महीने स्वीकार किया था।

उल्लेखनीय है कि केवल इंग्लैंड के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक अस्पतालों में कोविड-19 के मरीजों की संख्या पिछले हफ्ते करीब एक तिहाई बढ़ कर लगभग 27,000 हो गई। बीते साल अप्रैल में कोविड-19 के मामले जब पहली बार चरम पर पहुंचे थे उसकी तुलना में यह 40 प्रतिशत अधिक है।

पिछले साल 29 दिसंबर को ब्रिटेन में 80,000 हजार से ज्यादा लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। पिछले सप्ताह संक्रमण से मरने वालों की संख्या में भी 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

भाषा

सुभाष पवनेश

पवनेश

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