BJP National President: बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने में क्यों हो रही देरी, RSS ने दिया सवाल का जवाब, जानें क्या कहा

BJP National President: बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में लगातार देरी हो रही है। अफवाह हैं कि बीजेपी और RSS के बीच कोई विवाद चल रहा है। संघ ने अब जवाब दिया है।

BJP National President RSS statement

हाइलाइट्स

  • बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने में देरी
  • RSS की ओर से बयान
  • 'हर संगठन स्वतंत्र'

BJP National President: बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने में देरी क्यों हो रही है। इस सवाल पर RSS का जवाब आया है। RSS के संयुक्त महासचिव अरुण कुमार ने कहा कि हर संगठन स्वतंत्र है। संघ में 32 संगठन हैं। बीजेपी और RSS में कोई ठनी नहीं है। सभी संगठनों के अध्यक्ष चुनने की अपनी प्रक्रिया है। बीजेपी की भी प्रक्रिया चल रही है। समय आने पर आपको पता चल जाएगा।

बेंगलुरु में RSS की मीटिंग

बेंगलुरु में RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की शुक्रवार से 3 दिवसीय मीटिंग शुरू हुई। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा RSS के शीर्ष फैसले लेने वाली संस्था है। इस मीटिंग में कई मुद्दों पर मंथन हो रहा है।

'अविश्वास खड़ा करने से बचे विपक्ष'

RSS के संयुक्त महासचिव अरुण कुमार ने परिसीमन के सवाल पर कहा कि परिसीमन के लिए एक्ट आता है। पहले परिसीमन एक्ट 1972 बना और उसके बाद परिसीमन एक्ट 2002 आया। इसके बाद परिसीमन को फ्रीज कर दिया गया। सवाल ये है कि अभी कोई नया एक्ट आया है क्या ? ये अनावश्यक आशंका जाहिर कर रहे हैं। विपक्षी की ओर से किए जा रहे परिसीमन के विरोध पर अरुण कुमार ने कहा कि इनको अविश्वास खड़ा करने से बचना चाहिए। समाज में सबको लेकर चलने की बात करनी चाहिए।

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'न जनगणना, न एक्ट आया'

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संयुक्त महासचिव अरुण कुमार ने कहा कि अभी जो लोग इस मुद्दे को उठा रहे उनसे पूछिए कि परिसीमन से पहले जनसंख्या गणना होती है। उसके बाद परिसीमन एक्ट आता है। ऐसा कुछ हुआ भी नहीं है फिर वो इस मुद्दे को लेकर क्यों आगे बढ़ रहे हैं। जो लोग परिसीमन का मुद्दा बना रहे हैं उनको आत्मनिरीक्षण करना चाहिए कि क्या जो वो कर रहे हैं वो सही है।

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Jan Dhan account closed: केंद्र सरकार ने जनधन खाते कमजोर वर्ग और छोटी आय कमाने वाले लोगों के वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए खोले थे। लेकिन अब ये खाते बड़ी संख्या में निष्क्रिय हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में 35,000 से अधिक जनधन खाते लेनदेन न होने की वजह से निष्क्रिय घोषित कर दिया गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

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