BJP 41st Foundation Day: चार दशकों में भाजपा की यात्रा, पढ़ें- 2 से 303 सीटों तक पहुंचने की पूरी कहानी

BJP 41st Foundation Day

नई दिल्ली। बीजेपी का आज स्थापना दिवस है। आज ही के दिन 6 अप्रैल 1980 को दिल्ली में पार्टी की स्थापना की गई थी। तब से लेकर आज तक 4 दशकों में बीजेपी ने लगातार नई उंचाइयां छूईं हैं। पहले 90 के दशक में अटल बिहारी वाजपेयी की अगुवाई में बीजेपी ने सरकार बनाई और अब पिछले 06 साल से नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए की सरकार है।

पूर्ण बहुमत तक पहुंचने में BJP को 30 साल लग गए

हालांकि पूर्ण बहुमत के साथ सत्‍ता के शीर्ष पर सबसे ज्‍यादा सीटें लेकर बैठने वाली बीजेपी को यहां तक आने में 30 साल लग गए। BJP ने स्थापना के बाद 1984 में अपना पहला चुनाव लड़ा और 2 सीटों पर जीत हासिल की थी। लेकिन महज पांच साल बाद ही 1989 के चुनाव में बीजेपी 2 सीट से 86 पर पहुंच गई। 1991 में दोबारा चुनाव हुए और BJP की सीटें बढ़कर 120 हो गईं। इसके बाद अयोध्‍या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर लाल कृष्ण आडवाणी ने 25 सितंबर 1990 को रथ यात्रा निकाल कर बीजेपी की राजनीति को धार दी।

भारतीय जनता पार्टी पहले जनता पार्टी में थी

बतादें कि भारतीय जनता पार्टी से पहले जनता पार्टी बनाई गई थी। जिसमें इमरजेंसी के बाद 1977 में हुए आम चुनाव में जितने भी इंदिरा विरोधी दल से वो एकजुट होकर चुनाव लड़े थे। इसमें जनसंघ (वर्तमान में बीजेपी), भारतीय लोकदल, कांग्रेस (ओ) जैसी प्रमुख पार्टियां शामिल थीं। 41% वोटों के साथ जनता पार्टी ने अपने पहले ही चुनाव में 295 सीटें जीतीं। इमरजेंसी के खिलाफ लोगों का गुस्सा और विपक्षी एकजुटता इस चुनाव में पार्टी की जीत का बड़ा कारण रही थी।

2 साल में ही जनता पार्टी टूट गई

हालांकि 2 साल में ही जनता पार्टी अर्श से फर्श पर पहुंच गई और पार्टी पूरी तरीके से टूट गई। तब तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई को अपना पद छोड़ना पड़ा था और चौधरी चरण सिंह कांग्रेस के समर्थन से प्रधानमंत्री बने थे। जनता पार्टी के टूटने के बाद बड़े चेहरों ने अपने-अपने दल बना लिए। इन दलों में से एक भारतीय जनता पार्टी भी थी। इसके बाद 1988 में वीपी सिंह ने जन मोर्चा, जनता पार्टी, लोकदल और कांग्रेसएस को एकजुट कर फिर से एक पार्टी की नींव रखी। जिसका नाम जनता दल रखा गया। 1989 के आम चुनाव में पार्टी ने 143 सीटें हासिल की। जिसके बाद BJP और लेफ्ट के समर्थन से जनता दल की सरकार बनी।

90 के दशक में भाजपा मजबूत हुई

हालांकि जनता पार्टी की तरह ही 1996 के चुनाव के बाद जनता दल टूटने लगा और 1998 में पार्टी को महज 6 सीटें मिलीं। 1999 के चुनाव से पहले पार्टी पूरी तरह से खत्म हो गई। वहीं पार्टी से जुड़े बड़े चेहरों ने फिर से अपनी-अपनी पार्टी बना ली जिसमें जदयू, जेडीएस, राजद, बीजद जैसे दल शामिल हैं। लेकिन इस दौरान 90 के दशक में भाजपा लगातार मजबूत हो रही थी और इसको मजबूत करने में अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी की अहम भूमिका रही।

1996 में वाजपेयी बने थे पहली बार पीएम

1996 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी 161 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। लेकिन उनके पास सरकार बनाने का संख्या बल नहीं था। हालांकि सहयोगियों के समर्थन पर भरोसा कर अटल बिहारी वाजपेयी बीजेपी से पहली बार पीएम बने, लेकिन सहयोगी दलों ने उन्हें समर्थन नहीं दिया। इस वजह से मात्र 13 दिन में ही उनकी सरकार गिर गई। इसके बाद 1998 में बीजेपी ने अपने प्रदर्शन में सुधार किया और पार्टी ने इस बार के लोक सभा चुनाव में 182 सीटें जीतीं। फिर से एक बार एनडीए के बैनर तले अटल पीएम बने, लेकिन इस बार भी उनकी सरकार महज 13 महीने ही चली।

2004 के बाद पार्टी थोड़ी कमजोर हुई

इस स्थिती में 1999 में देश में एक बार फिर से मध्यावधि चुनाव हुए। भाजपा को इस बार भी 182 सीटें ही मिली लेकिन इस बार अटल बिहारी वाजपेयी अपने सहयोगियों के दम पर पूरे पांच साल तक सरकार चलाने में सफल रहे। इसके बाद पार्टी थोड़ी कमजोर हुई और साल 2004 से लेकर 2014 तक विपक्ष में रही।

इस वक्त बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है

आज भाजपा जिस मुकाम पर है इसे वहां तक पहुंचाने में कई शख्सियतों ने अपना योगदान दिया है। खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह की जोड़ी ने इसे सबसे ज्यादा ऊंचाई प्रदान की है। इस वक्त बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है। कभी महज 2 सीट से संतोष करने वाली पार्टी आज 303 सीटों के रिकॉर्ड बहुमत से सत्ता में है।

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