बर्ड फ्लू: उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड जिलों में सतर्क हुए प्राधिकारी

हमीरपुर/चित्रकूट/बांदा (उप्र), 12 जनवरी (भाषा) कानपुर चिड़ियाघर में मृत मिले जंगली मुर्गे में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद बुंदेलखंड के हमीरपुर, चित्रकूट और बांदा जिलों का प्रशासन बेहद सतर्क हो गया है।

हमीरपुर जिले के भरुआ सुमेरपुर रेलवे स्टेशन के नजदीक पेड़ों के नीचे सोमवार को कुछ बगुले और कौए संदिग्ध परिस्थिति में मृत पाए गए, जिन्हें पोस्टमॉर्टम के बाद पशु चिकित्सा अधिकरियों ने जला दिया।

हमीरपुर के जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज सचान ने मंगलवार को बताया कि मृत पाए गए बगुले और कौओं में बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं पाए गए, उनकी मौत अत्यधिक ठंड लगने से हुई है। फिर भी नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।

उन्होंने बताया कि जिले के पोल्ट्री फॉर्मों से मुर्गियों के सीरम नमूने लेकर बरेली स्थित भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) में जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा, लोगों से कहा गया है कि वे कम से कम 70 डिग्री के तापमान में पकाकर मांस और अंडे खाएं, क्योंकि इस तापमान में बर्ड फ्लू के कीटाणु मर जाते हैं।

इसी प्रकार, चित्रकूट जिले में बर्ड फ्लू से निपटने के लिए प्रशासन ने चार टीमें गठित की हैं। सोमवार को अभियान चलाकर बरगढ़ और अहमदगंज में कई पोल्ट्री फॉर्म की करीब दो सौ से ज्यादा मुर्गियां मारकर उन्हें जमीन में दफनाया गया।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए बांदा के जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर सीमावर्ती मध्य प्रदेश से मुर्गियों, तीतर, बटेर और अंडों की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगा दिया है। पत्र में साथ ही कहा गया है कि पशु चिकित्सा अधिकारी टीमें भेजकर पोल्ट्री फॉर्मों में जांच करें।

बांदा के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश की सीमा से लगे मटौंध, गिरवां, नरैनी, फतेहगंज और कालिंजर थानों को सतर्क कर दिया गया है, ताकि जिले में मुर्गियों या अंडों की बाहर से आपूर्ति न हो सके।

भाषा सं जफर सिम्मी

सिम्मी

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