बिलासपुर में सरकंडा थाना के TI को किया गया लाइन अटैच: नायब तहसीलदार से फोन पर की थी अभद्रता, जानें पूरा मामला

Bilaspur News: Sarkanda Thana incharge line attached, सरकंडा थाना प्रभारी तोपसिंह नवरंग को नायब तहसीलदार से अभद्रता से बातचीत करने के बाद थाने से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया गया है।

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Bilaspur News: सरकंडा थाना प्रभारी तोपसिंह नवरंग को नायब तहसीलदार से अभद्रता से बातचीत करने के बाद थाने से हटाकर लाइन हाजिर (Sarkanda Thana Incharge Line Attached) कर दिया गया है। यह घटना दो दिन पहले की है, जब नायब तहसीलदार ने थाना प्रभारी को फोन कर यह पूछा था कि उन्हें थाने क्यों बुलाया गया।

इस बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसमें थाना प्रभारी ने नायब तहसीलदार से कहा था, "तू रुक, मैं आता हूं"।

[caption id="" align="alignnone" width="537"]publive-image सरकंडा थाना प्रभारी तोपसिंह नवरंग[/caption]

नायब तहसीलदार और उनके भाई का पुलिसकर्मियों से हुआ था विवाद

मामला सरकंडा थाना क्षेत्र (Bilaspur News) का है, जहां हाल ही में गश्त ड्यूटी के दौरान दो पुलिसकर्मियों का नायब तहसीलदार पुष्पराज मिश्रा (Naib Tehsildar Pushpraj Mishra) और उनके भाई विनय मिश्रा से विवाद हुआ था।

पुलिस ने इस विवाद में आरक्षकों की शिकायत पर नायब तहसीलदार के भाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, आरोप था कि उनके भाई ने दुर्व्यवहार किया, हंगामा किया और शासकीय कार्य में बाधा डाली। जब नायब तहसीलदार ने थाना प्रभारी से इस मामले पर बात की, तो थाना प्रभारी ने अभद्र तरीके से बातचीत की।

नायब तहसीलदार ने लगाया ये आरोप 

नायब तहसीलदार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने न सिर्फ उनसे, बल्कि उनके परिवार से भी दुर्व्यवहार किया। उनका कहना था कि जब वह देर रात अपने परिवार के साथ घर जा रहे थे, तो पुलिस ने उन्हें रोककर गाली-गलौज की। इसके बाद पुलिस ने उन्हें जबरन थाने ले जाकर मेडिकल जांच करवाने का दबाव डाला और बाद में उनके भाई के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने की जांच की मांग

[caption id="" align="alignnone" width="546"]publive-image छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।[/caption]

इस मामले (Bilaspur News) के बाद छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ (Chhattisgarh Junior Administrative Service Association) भी सक्रिय हो गया, और संघ ने कलेक्टर, एसपी, आईजी सहित उच्च अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।

मामले के बढ़ने के बाद एसपी ने जांच के आदेश दिए थे, और इसी विवादित ऑडियो के आधार पर थाना प्रभारी को लाइन हाजिर (Sarkanda Thana Incharge Line Attached) कर दिया गया।

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