बिलासपुर में दर्दनाक हादसा: महमंद तालाब में नहाने पहुंचे चार छात्र डूबे, दो की मौत, दो को समय रहते SDRF ने बचाया

Bilaspur Accident: बिलासपुर के महमंद गांव स्थित बेलभाठा तालाब में रविवार को चार छात्र नहाने गए, जिनमें से दो की डूबने से मौत हो गई जबकि दो को SDRF ने सुरक्षित बचा लिया।

Bilaspur Accident

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हाइलाइट्स 

  • महमंद तालाब में चार छात्र डूबे
  • दो की मौत, दो को बचाया गया
  • अभिभावकों से सतर्कता की अपील

Bilaspur Accident : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के लाल खदान क्षेत्र स्थित महमंद गांव के बेलभाठा तालाब में रविवार की दोपहर एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। छुट्टी का दिन होने के कारण चार स्कूली छात्र नहाने के उद्देश्य से तालाब पहुंचे, लेकिन यह मस्ती का पल कुछ ही मिनटों में त्रासदी में बदल गया। तालाब के गहरे हिस्से में पहुंचने पर चारों बच्चे फंस गए और मदद के लिए पुकारने लगे।

घटना की जानकारी आसपास के ग्रामीणों को मिली, जिसके बाद दो बच्चों को तुरंत बाहर निकाल लिया गया, जबकि अन्य दो बच्चे पानी में डूब गए। सूचना मिलते ही SDRF और तोरवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों छात्रों के शव पानी से निकाले गए।

[caption id="attachment_932269" align="alignnone" width="1233"]CG Bilaspur Accident CG Bilaspur Accident[/caption]

परिवारों में मातम, शहर में शोक का माहौल 

मृतक दोनों छात्र कक्षा 10वीं के बताए जा रहे हैं। रविवार होने के कारण सभी दोस्त एकसाथ तालाब पर पहुंचे थे। हादसे के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक और स्तब्धता का माहौल है। घटना के बाद परिजनों की चीख-पुकार से माहौल और भी भावुक हो गया।

पुलिस और प्रशासन की अपील- बच्चों की निगरानी बेहद जरूरी 

तोरवा पुलिस ने कहा कि छुट्टी के दिनों में बच्चों की लोकेशन और गतिविधि पर अभिभावकों की पूरी नजर होनी चाहिए। कई बार बच्चे रोमांच या मस्ती के चलते ऐसे स्थानों पर चले जाते हैं जो असुरक्षित और निगरानी विहीन होते हैं। पुलिस ने आमजन से यह भी अपील की है कि तालाब, नदी, नहर, बांध और खदान क्षेत्र में बच्चों को बिना निगरानी जाने से रोकें।

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वाटर सेफ्टी जागरूकता अभियान की जरूरत 

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और सुरक्षा विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि स्कूलों, पंचायतों और जिला प्रशासन को मिलकर वाटर सेफ्टी और लाइफ सेविंग ट्रेनिंग अभियान शुरू करना चाहिए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यह दुखद दुर्घटना एक गहरा संदेश देती है कि मस्ती और लापरवाही के बीच की एक छोटी सी दूरी जीवन खतरे में डाल सकती है।

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