Bilaspur High Court ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर सुनाया फैसला, बीएड उम्मीदवारों की नियुक्ति निरस्त, जानें पूरा मामला

Bilaspur High Court: शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर बिलासपुर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. बीएड किए उम्मीदवारों को HC से झटका लगा है.

Bilaspur High Court ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर सुनाया फैसला, बीएड उम्मीदवारों की नियुक्ति निरस्त, जानें पूरा मामला

   हाइलाइट्स

  • शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर HC का बड़ा फैसला
  • बीएड किए उम्मीदवारों को HC से झटका
  • कोर्ट ने बीएड उम्मीदवारों की नियुक्ति को किया निरस्त

Bilaspur High Court: शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर बिलासपुर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. बीएड किए उम्मीदवारों को HC से झटका लगा है. कोर्ट ने बीएड उम्मीदवारों की नियुक्ति को निरस्त कर दिया है.

सहायक शिक्षक के तौर पर नियुक्ति को निरस्त किया है. डीएलएड उम्मीदवारों को मौका देने के निर्देश दिए हैं. एक सप्ताह में नई चयन सूची जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं.

   केवल डीएड (D.Ed) पास अभ्यर्थी होंगे मान्य 

चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की डिवीजन बेंच ने 29 फरवरी को इस केस में फैसला सुरक्षित रखा था. हाईकोर्ट (Bilaspur High Court) ने स्पष्ट कर दिया है कि प्राथमिक शिक्षकों के लिए केवल डीएड (D.Ed) पास अभ्यर्थी मान्य होंगे.

कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि जिन बीएड उत्तीर्ण सहायक शिक्षक ज्वाइनिंग हो चुकी है, उनकी नियुक्ति  निरस्त की जाए. 6 सप्ताह में सिर्फ डीएलएड पास अभ्यर्थियों की ही नियुक्ति की जाए. कोर्ट ने इसके साथ ही डीएलएड अभ्यर्थियों को शामिल कर पुनरीक्षित चयन सूची बनाने के निर्देश भी दिए हैं.

4 मई 2023 को राज्य सरकार ने सहायक शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन जारी किया था. जिसके तहत डीएलएड और बीएड योग्यताधारी को सहायक शिक्षक की भर्ती के लिए आवेदन का योग्य माना गया था.

डीएलएड उत्तीर्ण शिक्षकों ने सेवा भर्ती नियम और विज्ञापन को चुनौती दी. कहा कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  के फैसले के अनुसार प्राथमिक शिक्षकों के लिए बीएड अमान्य है. सहायक शिक्षकों के लिए केवल डीएलड ही मान्य है.

   29 फरवरी को हुई थी मामले की अंतिम सुनवाई

उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद बीएड अभ्यर्थी की काउंसिलिंग पर रोक लगा दी थी, अभ्यर्थियों ने जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर High Court के फैसले पर रोक लगाते हुए बीएड शिक्षकों को भी अंतरिम रूप से नियुक्ति देने का आदेश दिया.

लेकिन हाईकोर्ट में लंबित प्रकरण के अंतिम निर्णय के अधीन उनकी नियुक्ति को रखा गया. प्रकरण में अंतिम सुनवाई 29 फरवरी 2024 को हुई, जिसमें हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. आज कोर्ट ने  बीएड योग्यताधारी को अपात्र मानते हुए उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी.

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