बीजापुर में सुरक्षाबलों का सबसे बड़ा नक्सली ऑपरेशन: 5000 जवानों ने किया घेराव, निशाने पर हिड़मा समेत कई टॉप नक्सल लीडर

Bijapur Naxal Encounter LIVE: छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन जारी है। 5 नक्सली मारे गए हैं, जिनमें 3 महिला नक्सली शामिल हैं। हिड़मा समेत कई टॉप नक्सल लीडर पहाड़ियों में घिरे हैं। MI-17 से जवानों को रसद पहुंचाई जा रही है।

Bijapur Naxal Encounter

Bijapur Naxal Encounter

Bijapur Naxal Encounter: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के उसूर क्षेत्र में पिछले चार दिनों से सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच निर्णायक मुठभेड़ जारी है। कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर चल रहे इस ऑपरेशन में अब तक पांच नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जिनमें तीन महिला नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। माना जा रहा है, ये वही पहाड़ है जहां नक्सली कमांडर हिड़मा, देवा, दामोदर समेत करीब 2000 से ज्यादा नक्सलियों का डेरा है। ऑपरेशन को लेकर बस्तर फाइटर्स और CRPF ने संयुक्त मोर्चा संभाला है।

नक्सलियों (Bijapur Naxal Encounter) ने कर्रेगुट्टा पहाड़ी को अपना सबसे सुरक्षित जोन बना रखा था, लेकिन अब सुरक्षाबलों ने इस पूरे इलाके को तीन राज्यों की सीमा से घेर लिया है। पहाड़ी की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए ऑपरेशन में हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है। MI-17 के जरिए जवानों को रसद और जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है ताकि किसी भी हालात में ऑपरेशन जारी रह सके।

हिड़मा और तेलंगाना कमेटी के दामोदर की मौजूदगी की सूचना

सूत्रों के अनुसार, इस पहाड़ी क्षेत्र में नक्सलियों के टॉप कमांडर माड़वी हिड़मा और तेलंगाना स्टेट कमेटी के सेक्रेटरी दामोदर समेत कई बड़े नक्सली लीडर मौजूद हैं। इन दोनों पर एक करोड़ रुपए से अधिक का इनाम घोषित है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के नक्सल डेस्क द्वारा ऑपरेशन की लगातार निगरानी की जा रही है। वहीं, राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा भी पल-पल की अपडेट ले रहे हैं। 

पहाड़ों में ऊंचाई पर नक्सली, नीचे फोर्स

कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर नक्सली ऊंचाई पर छिपे हैं, जिससे ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। पहाड़ी की रेखी की जा रही है और बंकरों की पहचान के बाद हेलीकॉप्टर से बमबारी की जा रही है। अब तक कई बंकर ध्वस्त किए जा चुके हैं।

[caption id="attachment_802512" align="alignnone" width="1089"]Bijapur Naxal Encounter Bijapur Naxal Encounter[/caption]

नक्सलियों के भागने के रास्ते बंद

पहाड़ तक नक्सलियों (Bijapur Naxal Encounter) को पहले आसानी से राशन की आपूर्ति होती थी, लेकिन फोर्स के लगातार कैंप स्थापित करने के चलते अब उनकी आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो चुकी है। इसी का फायदा उठाकर सुरक्षाबलों ने रणनीतिक तौर पर नक्सलियों को घेर लिया है।

लू की चपेट में आए जवान फिर भी सर्च ऑपरेशन जारी

कठोर गर्मी में चल रहे इस ऑपरेशन के दौरान 15 से अधिक जवान लू का शिकार हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक इलाज के लिए तेलंगाना के वेंकटापुरम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी जवान पूरी मुस्तैदी के साथ नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी रखे हुए हैं।

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मुठभेड़ की मॉनिटरिंग उच्च स्तर पर

बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी ऑपरेशन पर नजर रखे हुए हैं। सुरक्षा बलों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी हाल में इस ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाया जाए, ताकि नक्सलियों की कमर पूरी तरह तोड़ी जा सके।

इलाके में भारी संख्या में नक्सलियों के होने के चलते ऑपरेशन लंबा चलने की संभावना जताई जा रही है। फोर्स का दावा है कि जल्द ही नक्सलियों को पूरी तरह खदेड़कर इस क्षेत्र को नक्सल मुक्त बनाया जाएगा।

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