Tejashwi Yadav vs Nitish Kumar: तुम बच्चा हो, क्या जानो.. विधानसभा में वोटर लिस्ट रिवीजन पर नीतीश-तेजस्वी में तीखी बहस

Tejashwi Yadav vs Nitish Kumar: बिहार विधानसभा में वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR 2025) को लेकर तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार के बीच जोरदार बहस हुई।

Bihar vidhan sabha session Tejashwi Yadav vs Nitish Kumar voter list revision zxc

हाइलाइट्स

  • वोटर लिस्ट रिवीजन पर तेजस्वी-नीतीश की तीखी बहस
  • तेजस्वी ने दस्तावेजों की मांग को बताया गरीब विरोधी
  • नीतीश बोले- "तुम बच्चा हो, क्या जानो सरकार चलाना"

Tejashwi Yadav vs Nitish Kumar: बिहार विधानसभा में बुधवार को वोटर लिस्ट रिवीजन (Special Intensive Revision - SIR) को लेकर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच तीखी बहस हुई, जिसमें व्यक्तिगत टिप्पणियों से लेकर सरकार के कामकाज पर सवालों की बौछार तक देखने को मिली।

11 दस्तावेजों की मांग पर सवाल

तेजस्वी यादव ने विशेष वोटर लिस्ट रिवीजन प्रक्रिया (SIR 2025) पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इसमें 11 तरह के दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "गरीब लोग इतने डॉक्यूमेंट्स कहां से लाएंगे?"तेजस्वी ने दावा किया कि यह पूरी प्रक्रिया गरीब, श्रमिक और प्रवासी मतदाताओं के अधिकारों को सीमित करने की साजिश है।

उन्होंने आगे कहा, "संविधान ने सभी नागरिकों को समान वोटिंग अधिकार दिया है। हम प्रक्रिया के विरोध में नहीं हैं, लेकिन चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल है।"

चुनाव आयोग पर भी उठाया सवाल

तेजस्वी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसे प्रामाणिक दस्तावेजों को इस प्रक्रिया में क्यों नहीं जोड़ा गया। उन्होंने कहा,"चुनाव आयोग को इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी चाहिए थी।"

साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि, "लोगों को बांग्लादेशी, नेपाली और म्यांमारी कहकर अपमानित किया जा रहा है, जो बेहद आपत्तिजनक है।"

नीतीश कुमार का पलटवार: "तुम बच्चा हो, क्या जानो?"

तेजस्वी के आरोपों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भड़क उठे और उन्होंने तेजस्वी को उनके माता-पिता के कार्यकाल की याद दिलाई। उन्होंने कहा, "जब तुम्हारे माता-पिता मुख्यमंत्री थे, तब की स्थिति जानते हो? तब तुम बच्चा थे।"

नीतीश ने चुनौती दी, "पटना में पहले शाम के बाद महिलाएं बाहर नहीं निकलती थीं। हमने वो हालात बदले। महिलाओं और मुसलमानों के लिए हमने काम किया। आरजेडी ने कुछ नहीं किया।"

नीतीश कुमार ने तेजस्वी की उम्र पर कटाक्ष करते हुए कहा:

"उमरवा तुम्हारा क्या है? जब तुम्हारी उम्र कम थी, तब तुम्हारे माता-पिता मुख्यमंत्री थे। हमने तुम्हें साथ रखा, लेकिन काम नहीं हो रहा था इसलिए छोड़ दिया।"उन्होंने यह भी कहा कि,"अब चुनाव नजदीक है, इसलिए ये लोग अंड-बंड बोल रहे हैं।"

तेजस्वी का पलटवार

तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि अगर वोटर लिस्ट की प्रक्रिया संदेहास्पद है, तो फिर पिछली बार जिन लोगों ने वोट डाला, क्या वे सब फर्जी थे? उन्होंने कहा:"अगर वोटर फर्जी हैं तो क्या नीतीश कुमार फर्जी तरीके से मुख्यमंत्री बने हैं?"

तेजस्वी ने आगे कहा कि करीब 3 करोड़ श्रमिक और साढ़े 4 करोड़ प्रवासी बिहारी देशभर में फैले हैं, उनके लिए दस्तावेज जुटाना और फॉर्म भरना आसान नहीं है, खासकर जब राज्य में बारिश का मौसम चल रहा हो।

बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन बना सियासी रणभूमि

बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 से पहले वोटर लिस्ट रिवीजन प्रक्रिया को लेकर सियासत गरमा गई है।एक ओर तेजस्वी यादव गरीबों और प्रवासियों के हक की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नीतीश कुमार अपनी सरकार की उपलब्धियों और विपक्ष के कार्यकाल की कमियों की याद दिला रहे हैं। 

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article