Bihar News: हंगामें की वजह से बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र हुआ खत्म, महज 5 दिन हो सकी चर्चा

Bihar News: हंगामें की वजह से बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र हुआ खत्म, महज 5 दिन हो सकी चर्चा

Bihar News: जहां कुछ समय पहले जहरीली शराब पीने के कारण 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी जिसके बाद से विपक्षी पार्टियों ने नीतीश सरकार को घेरने के लिए विधानसभा में जमकर हंगामा कर रही है। अब हंगामों के देखते हुए बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इसके साथ ही 13 दिसंबर को शुरू हुआ सदन का शीतकालीन सत्र संपन्न भी हो गया। महज 5 दिन ही सत्र चल सका।

बता दें कि बिहार विधानमंडल के इस पांच दिवसीय सत्र के दौरान 19048.98 करोड़ रुपये के विनियोग विधेयक और नगर पालिका अधिनियम में संशोधन को ध्वनि मत से पारित किया गया। इस सत्र में सात राजकीय विधेयकों को मंजूरी मिली, जबकि 843 प्रश्न पूछे गये।  समापन भाषण देते हुए अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने कहा कि सत्र के दौरान कुल 843 प्रश्न प्राप्त हुए, जिनमें 678 स्वीकृत हुए। वहीं बताते चलें कि इससे पहले सोमवार को प्रतिपक्ष के नेता विजय कुमार सिन्हा ने उनकी पार्टी द्वारा लाए गए एक स्थगन प्रस्ताव में जहरीली शराब त्रासदी में मरने वालों के परिजन को मुआवजे की मांग की गई। सरकार द्वारा हालांकि अब तक केवल 38 मौतों की पुष्टि की गयी है जबकि अधिकांश अपुष्ट रिपोर्ट ने मृतक संख्या 50 से अधिक बतायी है।

बता दें कि पहले ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुआवजे की मांग खारिज करने के बावजूद सिन्हा ने सारण के पीड़ितों को अनुग्रह राशि दिए जाने की मांग करते हुए प्रदेश में अप्रैल 2016 से लागू शराबबंदी कानून के एक प्रावधान का हवाला दिया और साथ ही गोपालगंज में एक जहरीली शराब त्रासदी का उदाहरण दिया जहां पूर्ण शराबबंदी के बावजूद मुआवजे का भुगतान किया गया था।उन्होंने सारण में जहरीली शराब पीने से मरने वालों के प्रति सदन में शोक व्यक्त किये जाने की भी मांग की।

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