Tejashwi Yadav Opposition Leader: राघोपुर से अपनी सीट तो बचा लिए तेजस्वी यादव.. लेकिन क्या फिर बन पाएंगे नेता प्रतिपक्ष?

Tejaswi Yadav Opposition Leader: बिहार चुनाव 2025 में आरजेडी इतिहास का सबसे खराब प्रदर्शन करती दिख रही है। तेजस्वी यादव राघोपुर सीट पर भी चुनौती में हैं और पार्टी 25 सीटों के आसपास सिमटती नजर आ रही है, जिससे नेता प्रतिपक्ष का पद भी हाथ से निकल सकता है।

Tejashwi Yadav Opposition Leader

Tejashwi Yadav Opposition Leader

Tejashwi Yadav Opposition Leader: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 राष्ट्रीय जनता दल के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण चुनाव बन गया है। आरजेडी अपने इतिहास के सबसे खराब प्रदर्शन की ओर बढ़ रही है। पार्टी 2010 की तरह ही एक बार फिर केवल 24–25 सीटों के आसपास सिमटती दिख रही है, जिससे नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी भी तेजस्वी यादव की पहुंच से दूर होती नजर आ रही है।

राघोपुर में भी कड़ी चुनौती 

[caption id="attachment_931074" align="alignnone" width="1095"]Tejashwi Yadav Opposition Leader Tejashwi Yadav Opposition Leader[/caption]

हालांकि, राघोपुर सीट से तेजस्वी यादव ने जीत दर्ज कर ली है, लेकिन शुरूआती रुझानों में मुख्यमंत्री बनने का सपना लेकर उतरे तेजस्वी खुद अपनी परंपरागत सीट पर संघर्ष करते दिख रहे थे। 16वें राउंड तक वे करीब 9 हजार वोटों से पीछे चल रहे थे, जबकि बीजेपी उम्मीदवार सतीश कुमार मजबूत बढ़त बनाए हुए थे।

लेकिन, अंतिम चरण में उन्होंने 14532 वोटों से बड़ी जीत दर्ज कर ली। ऐसे में RJD काफी पिछड़ती हुई नजर आ रही है। इसलिए, यदि आरजेडी 25 से कम सीटों पर रुकती है, तो संवैधानिक रूप से पार्टी को नेता प्रतिपक्ष का पद नहीं मिलेगा।

2010 की बड़ी हार की पुनरावृत्ति 

यह स्थिति 2010 की याद दिलाती है, जब आरजेडी 168 सीटों पर चुनाव लड़कर भी केवल 22 सीटें जीत सकी थी और नेता प्रतिपक्ष का पद खो बैठी थी। इस बार भी चुनाव परिणाम लगभग वैसा ही परिदृश्य बनाकर खड़े हैं। इस चुनाव में आरजेडी के कई दिग्गज भी मुश्किल में हैं।

छपरा विधानसभा सीट से चर्चित राजद प्रत्याशी और अभिनेता खेसारीलाल यादव अपनी सीट से हार चुके हैं। वहीं, सीवान जिले की रघुनाथपुर विधानसभा सीट पर बाहुबली नेता शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब को राहत मिलती दिख रही है और वे 10 हजार से ज्यादा वोटों से जीतते नजर आ रहे हैं।

[caption id="attachment_931078" align="alignnone" width="1083"]Tejashwi-Lalu 2010 की बड़ी हार की पुनरावृत्ति[/caption]

महागठबंधन की सीमित बढ़त

ताजा रुझानों में महागठबंधन केवल 28 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिसमें कांग्रेस और CPI-ML की सीटें भी शामिल है। इसके विपरीत NDA भारी बढ़त के साथ सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ चुका है।

ये भी पढ़ें:  Bihar Election:केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बयान, राजद पिछले 5 सालों से अहंकार की पार्टी बनी हुई थी

नेता प्रतिपक्ष बनने के लिए 25 विधायक जरूरी

ताज़ा रुझानों में आरजेडी केवल 24 से 25 सीटों पर ही बढ़त बनाए हुए दिखाई दे रही है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने के लिए किसी भी पार्टी के पास कम से कम 25 विधायक होना आवश्यक है। क्योंकि, बिहार विधानसभा में सदस्यों की संख्या 243 है। ऐसे में तेजस्वी यादव की आरजेडी को यह पद पाने के लिए कम से कम 25 सीटों पर जीत दर्ज करनी ही होगी, तभी उसे नेता प्रतिपक्ष का पद मिल पाएगा।

[caption id="attachment_931080" align="alignnone" width="1124"]Bihar Assembly बिहार विधानसभा[/caption]

क्या है नेता प्रतिपक्ष बनाने के नियम?

विपक्ष में बैठने वाले दलों में जिस दल के पास सर्वाधिक सीटें होती हैं उससे किसी विधायक को विपक्ष का नेता चुना जाता है। हालाँकि, यदि विपक्ष के किसी भी दल के पास कुल सीटों का 10% नहीं है तो ऐसी दशा में सदन में कोई विपक्ष का नेता नहीं हो सकता। 10% अंश की गणना दल के आधार पर होती है, गठबंधन के नहीं। 
यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article