Bihar Bagha Tiger: खत्म हुई आदमखोर बाघ की कहानी ! 9 महीनों में 10 लोगों बनाया शिकार , जानें इस खबर में

Bihar Bagha Tiger: खत्म हुई आदमखोर बाघ की कहानी ! 9 महीनों में 10 लोगों बनाया शिकार , जानें इस खबर में

बिहार। Bihar Bagha Tiger राज्य के बगहा में कई दिनों से दहशत बने हुए आदमखोर बाघ का अंत आज हो गया है, बताया जा रहा है कि, 9 महीनों में इस बाघ ने 10 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। जिसे आज 26 दिन से तलाशी के बाद वन विभाग की टीम ने मार गिराया है।

जानें क्या रही पूरी प्लानिंग

आपको बताते चलें कि, आज शनिवार को बाघ की जानकारी गोवर्धन थाना इलाके के बलुआ गांव के खेत में मिलते ही टीम सक्रिय हो गई। जिसके बाद उसे घेरते हुए खेत की चारों ओर से जाल के माध्यम से घेराबंदी की गई। इसके बाद राइफल से लैस टीम हाथी पर सवार होकर गन्ने के खेत के अंदर गई। वहां पहुंचते ही बाघ पर टीम की नजर गई और उस पर फायरिंग की गई। टीम ने बाघ को 4 गोली मारी। इसमें से दो गोली उसे लगी और बाघ ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बता दें कि, बाघ ने बीते दिन शुक्रवार को ही मां-बेटे पर हमला कर दिया था। इसमें दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। बीते 3 दिनों में बाघ ने 4 लोगों को मौत के घाट उतारा था

जानें बाघ का कैसा रहा परिवार

आपको बताते चलें कि, मारे गए बाघ के पिता T-5 की मुलाकात वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के हड़नाटांड वन क्षेत्र में T-34 से हुई। इस दरमियां T-34 मां बन गई। चूंकि पिता T-5 की टेरिटरी वन के बाहरी हिस्से की तरफ थी, ऐसे में अपने बच्चों को T-5 से बचाने के लिए गन्ने के खेतों में T-34 लेकर रहने लगी। इस दरमियान बच्चे धीरे-धीरे बड़े होने लगे। युवा अवस्था में आने के बाद T-34 अपने बच्चे के लिए टेरिटरी बनाकर दूसरे शावक के साथ अलग क्षेत्र में चली गई। इस प्रकार इस शावक का नाम T-105 पड़ा था।

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