Lockdown : सरकार ने लगाया सबसे बड़ा लॉकडाउन, टेंशन में आई दुनिया

Shanghai Lockdown: दुनियाभर में कोरोना के मामले लगातार सामने आते रहे है। भारत में भी कोरोना का प्रकोप अभी फिलहाल खत्म नहीं हुआ है। कोरोना के मामले और मौतों का सिलसिला जारी है। हालंाकि दुनिया के कई देशों में कोरोना का प्रकोप कम हुआ है लेकिन कोरोना महामारी ने सबसे ज्यादा तबाही चीन के शंघाई शहर में मचा के रखी है। चीन के शंघाई शहर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए लॉकडाउन लगा दिया गया है। चीन में कोरोना से निपटन के लिए यह लॉकडाउन ऐसे समय पर लगाया गया है जब दुनिया अब इस महामारी के साथ जीना सीख चुकी है। चीन ने शंघाई शहर में लॉकडाउन तो लगा दिया है लेकिन चीन के इस फैसले से दुनिया की टेंशन बढ़ गई है।

दरअसल, चीन में लगे सख्‍त लॉकडाउन से दुनिया की अर्थव्‍यवस्‍था पर संकट के बादल छाने लगे है। तो वही रूस और यूक्रेन में चल रहे युद्ध से दुनिया में महंगाई आसमान छूने लगी है। ऐसे में चीन के ऐलान से दुनियाभर में खलबली मच गई। चीन एक बड़ा तेल आयातक देश है और हर दिन 1.1 करोड़ बैरल तेल को खरीदता है। इसके अलावा लॉकडाउन के चलते शेयर बाजार भी गिर गए है। चीन का शंघाई शहर अपने वित्‍तीय और आर्थिक संबंधों की वजह से दुनिया के लिए महत्‍वपूर्ण है। शंघाई शहर को दुनिया की फैक्‍ट्री भी कहा जाता है।

लॉकडाउन से आर्थिक विकास दर को खतरा

शंघाई में लॉकडाउन की वजह से चीन के आर्थिक विकास दर को भी खतरा पैदा हो गया है जो 5.5 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है जो पिछले 3 दशक में सबसे कम है। एक विशेषज्ञ के मुताबिक चीन के अगले कुछ सप्‍ताह में कोरोना वायरस पर काबू पाने की संभावना है क्‍योंकि लॉकडाउन प्रभावी है। लेकिन देश के विकास पर ज्‍यादा असर पड़ता है यह लॉकडाउन ऐसे समय पर लगाया गया है जब देश में रियल स्‍टेट सेक्‍टर बहुत बुरी हालत से जूझ रहा है। चीन पर आए इस संकट से दुन‍िया टेंशन में है क्योंकि अगर लॉकडाउन जल्द खत्म नहीं किया गया तो दुनिया में सामानों की कीमत और ज्‍यादा बढ़ जाएगी।

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