Haryana Nuh Violence Update: नूंह हिंसा मामले में हरियाणा पुलिस का बड़ा एक्शन, कांग्रेस विधायक मामन खान गिरफ्तार

Haryana Nuh Violence Update: हरियाणा के नूंह में भड़की हिंसा में सबसे ज्यादा किसी की चर्चा हुई तो वो हैं फिरोजपुर झिरका के विधायक मामन खान।

Haryana Nuh Violence Update: नूंह हिंसा मामले में हरियाणा पुलिस का बड़ा एक्शन, कांग्रेस विधायक मामन खान गिरफ्तार

Haryana Nuh Violence Update: हरियाणा के नूंह में भड़की हिंसा में सबसे ज्यादा किसी की चर्चा हुई तो वो हैं फिरोजपुर झिरका के विधायक मामन खान। हरियाणा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कहा कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। गिरफ्तारी से राहत की मांग लिए विधायक खान पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट पहुंचे थे।

कोर्ट को पुलिस ने बताया कि उचित छानबीन के आधार पर ही उन्हें आरोपी बनाया गया था। पुलिस के पास कथित रूप से उनके फोन कॉल रिकॉर्ड और अन्य सबूत हैं।

मामन खान ने हाई कोर्ट से कहा कि मामले में उन्हें फंसाया जा रहा है। जिस दिन हिंसा भड़की उस दिन वह नूंह में नहीं थे। उनके वकील ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पता चला है कि एफआईआर में उनका नाम है।

31 जुलाई को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की शोभा यात्रा पर कथित रूप से हमला हुआ था। इसके बाद इलाके में हिंसा भड़क गई। इसकी आग गुरुग्राम और आसपास के इलाकों तक फैल गई। इस दौरान गुरुग्राम में एक मस्जिद के इमाम की हत्या कर दी गई और हिंसा में कुल 6 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई।

मामन खान की एसआईटी बनाने की मांग

विधायक मामन खान पर 4 सितंबर को एफआईआर दर्ज करने की बात सामने आई थी। नूंह पुलिस ने उन्हें इस मामले में पूछताछ के लिए दो बार बुलाया लेकिन वह जांच टीम के सामने हाजिर नहीं हुए। इस बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें सर्दी-बुखार हो गया था।

एफआईआर के बारे में उन्हें गुरुवार को पता चला। मामन खान कोर्ट से आईजी रैंक के अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम गठित करने की मांग की थी। पूरे मामले को इसी टीम को ट्रांसफर करने की मांग की थी। इसके साथ ही उन्होंने कोर्ट से टीम को स्वतंत्र रूप से काम करने का आदेश देने की मांग की थी।

विधायक खान का दावा- हिंसा के दौरान नूंह में नहीं था

सरकारी वकील ने इसपर कहा कि एसआईटी टीम पहले से बनी हुई है। पुलिस के मुताबिक, विधायक खान 31 अगस्त को समन पर हाजिर नहीं हुए। अपनी याचिका में विधायक ने बताया कि उन्हें सर्दी बुखार हो गया था और ऐसे में वह नहीं आ सकते थे। उन्होंने यह भी बताया कि 26 जुलाई से 1 अगस्त के बीच वह नूंह में नहीं थए।

वह गुरुग्राम स्थित अपने घर पर थे। सरकारी वकील ने सुनवाई के बाद कहा कि सबूत खान के दावे के खिलाफ हैं। उनकी कॉल रिकॉर्डिंग फोन टावर के लोकेशन के जरिए ट्रैक की गई और विधायक के निजी सुरक्षा अधिकारी का भी इस मामले में बयान है, जो खान के दावे को झूठा साबित करते हैं।

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