Bhopal: रानी कमलापति पैलेस का रहस्य, जानिए क्यों पानी में डूबी थी महल की पांच मंजिलें!

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भोपाल। राजधानी भोपाल को झीलों की नगरी भी कहा जाता है। यहां आपको नेचुरल और आर्टिफिशियल झीले देखने को मिल जाती हैं। लेकिन यहां की झीलें जितनी खूबसूरत हैं, उतनी ही रहस्यमयी भी हैं। शहर के बड़े तालाब और छोटे तालाब के बीच में एक महल है जो कभी अपनी सुविधाओं के कारण काफी लोकप्रिय था। लेकिन आज के समय में इस 7 मंजिला महल की पांच मंजिलें पानी में डूबी हुई हैं। हम बात कर रहे हैं पुराने भोपाल में स्थित ‘रानी कमलापति महल’ की। आखिर ऐसा क्या हुआ कि इस खूबसूरत महल की पांच मंजिलें धीरे-धीरे पानी में समा गई।

300 साल पहले हुआ था महल का निर्माण

बतादें कि रानी कमलापति महल का निर्माण लगभग 300 साल पहले किया गया था, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस महल का निर्माण निजाम शाह की पत्नी रानी कमलापति ने करवाया गया था। इस कारण से महल का नाम कमलापति महल पड़ा। हालांकि, समय बीतने के साथ, महल को कई नाम मिले। इस महल को भोजपाल का महल और जहाज महल के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि रात में इस महल का प्रतिबिंब किसी जहाज जैसा नजर आता है।

रानी कभी खुद रहती थी इस महल में

निजाम की पत्नी ने इस महल को लखौरी ईंटों और मिट्टी से बनवाया गया था। महल को बनाने के लिए लखौरी ईंटें खासतौर पर लाहौर शहर से मंगवाई गई थीं। बतादें कि उस वक्त लखौरी ईंटों को काफी मजबूत माना जाता था और ऐसा कहा जाता था कि ये ईंटें लंबे समय तक चलती हैं। महल के नीचले हिस्सों को भारी पत्थरों के आधार पर बनाया गया था, ताकि महल, झील में कभी धंस न सके। पूर्व में महल के दोनों तरफ से झीलों का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता था। बताया जाता है कि इस महल में कभी एक शाही कमरा भी हुआ करता था, जो छोटी झील की तरफ स्थित था। महल में शाही कमरे के ऊपर रानी कमलापति का कमरा भी था, जहां रानी खुद अपने परिवार के साथ रहा करती थीं।

क्यों डूबा महल?

कहा जाता है कि राजा निजाम शाह के मित्र ‘मोहम्मद खान’ की बुरी नजर रानी कमलापति पर थी, वह रानी को पाना चाहता था। इस कारण से रानी के बेटे और मोहम्मद खान के बीच युद्ध हुआ। युद्ध में रानी के बेटे नवल शाह की मृत्यु हो गई। युद्ध में बेटे की मौत का संदेश पाते ही रानी ने महल की तरफ बांध का सकरा रास्ता खुलवा दिया, जिससे तालाब का पानी महल में आने लगा। माना जाता है कि रानी ने ऐसा इसलिए किया ताकि दुश्मन उनके शरीर को छू भी ना सके। कुछ ही समय में पूरे महल में पानी भर गया औऱ इमारतें डूबने लगीं। ऐसा माना जाता है कि रानी ने अपनी सारी दौलत और कीमती सामान सहित पानी में ही समाधि ले ली है।

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