Bhopal School News: किताबों की खरीदारी कर चुके अभिभावकों को कैसे मिलेगा कलेक्टर के इस आदेश का फायदा?

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Bhopal School News: किताबों की खरीदारी कर चुके अभिभावकों को कैसे मिलेगा कलेक्टर के इस आदेश का फायदा?

भोपाल। Bhopal School News एमपी के इंदौर के बाद अब राजधनी भोपाल में निजी स्कूल संचालकों private school और पुस्तक विक्रेताओं stationary पर नकेल कसने की तैयारी हो गई है। भोपाल कलेक्टर bhopal collector द्वारा इसके लिए आदेश दे दिए गए हैं। आपको बता दें नई दिल्ली में भी आज इसे लेकर शिक्षा मंत्री द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए स्कूलों का लाइसेंस रद्द करने की बात कही गई थी।

धारा 144 के तहत होगी कार्रवाई —
आपको बता दें बीते सप्ताह इंदौर में कलेक्टर ने स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी पर नकेल करने के लिए आदेश जारी किए थे। तो अब राजधानी भोपाल में भी इसे लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। आपको बता दें नए कलेक्टर आशीष सिंह ने सोमवार को आदेश जारी करते हुए DEO और SDM को जांच करने को कहा है। साथ ही इसमें बताया गया है कि पेरेंट्स भी अफसरों से शिकायत कर सकते हैं।

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नहीं बना सकते अभिभावकों पर दबाव —
आपको बता दें पेरेंट्स पर एक ही दुकान से यूनिफार्म और किताबें खरीदने के लिए दवाब डालते हैं। लेकिन अब वे ऐसा नहीं कर पाएंगे। कलेक्टर के आदेशानुसार अब स्कूल संचालकों पर ऐसा करने की कंडीशन में कड़ी कार्रवाई होगी।

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पुस्तक विक्रेताओं का एकाधिकार होगा खत्म —
भोपाल कलेक्टर द्वज्ञरा जो आदेश जारी किया गया है उसके अनुसार प्राइवेट स्कूल संचालकों, पुस्तक प्रकाशकों और पुस्तक विक्रेताओं के एकाधिकार को खत्म कर दिया जाएगा। इसके लिए धारा 144 के तहत आदेश जारी किए हैं।

नहीं कर सकेंगे बाध्य —
आपको बता दें इस आदेश के बाद अब शहर के प्राइवेट स्कूलों के संचालक स्टूडेंट्स या पेरेंट्स को निर्धारित दुकानों से ही यूनिफार्म, जूते, टाई, किताबें, कापियां आदि खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर पाएंगे। इतना ही नहीं किताबों के पूरे सेट खरीदने के लिए बाध्य किया जा सकेगा।

क्या कहते हैं अभिभावक —
आपको बता दें अभिभावकों का कहना है कि इस आदेश से खुशी तो है। लेकिन ये आदेश अगर एक महीने पहले आता तो ज्यादा अच्छा होता। इसी के साथ पैरेंट्स का ये भी मानना है कि कोर्स बदलने पर किताबें तो खरीदनी ही होती हैं। इसलिए इंदौर की तरह ही तीन साल के पहले कोर्स न बदलने जैसी बातें भी अगर लागू हो जाती तो पुरानी किताबें खरीदना आसान हो जाता।

क्या कहना है सरकार —
आपको बता दें अभिभावकों को किसी खास विक्रेता से किताबें-यूनिफॉर्म खरीदने के लिए दबाव बनाने का मामला दिल्ली सरकार तक पहुंच गया है। इसे लेकर आप सरकार ने सख्ती दिखाने और कड़ी कार्रवाई के साथ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जाने की बात कही है। दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी मार्लेना ने रविवार को कहा, इस संबंध में शिकायतें मिली हैं और कार्रवाई की जाएगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया गया सवाल

बता दें कि, दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी मार्लेना ने रविवार को कहा कि माता-पिता को किसी विशिष्ट विक्रेता से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर करने वाले निजी स्कूलों की मान्यता समाप्त कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, उनके सामने ये मुद्दा उठाया गया था। इस पर उन्होंने कहा कि शिक्षा निदेशालय को इस मामले में शिकायतें मिल रही हैं और इसके लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

हेल्पलाइन नंबर जारी करेगा मंत्रालय

उन्होंने कहा कि "कई निजी स्कूल अभिभावकों पर उनसे वर्दी और किताबें खरीदने के लिए दबाव डाल रहे हैं। शिक्षा निदेशालय को इस मुद्दे पर शिकायतें मिल रही हैं। हम एक या दो दिन में इस मामले पर दिशानिर्देश जारी करेंगे।" उन्होंने कहा, "इस मामले में एक हेल्पलाइन नंबर और ईमेल एड्रेस भी जारी करेंगे, ताकि लोगों की शिकायत हम तक पहुंच सके। इस तरह के कार्यों में लिप्त पाए जाने वाले स्कूलों को फिर से सख्त कार्रवाई के साथ दंडित किया जाएगा और उनकी मान्यता भी खो सकती है।

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