ED कोर्ट का बड़ा फैसला: RTO घोटाले में आरोपी सौरभ शर्मा और शरद जायसवाल की जमानत याचिका की खारिज, ईडी ने जताया ये खतरा

Saurabh Sharma Bail Rejected: भोपाल में आरटीओ घोटाले के आरोपी सौरभ शर्मा और शरद जायसवाल की जमानत याचिका ED की विशेष अदालत ने खारिज की। जानें कोर्ट ने क्या कहा और आगे की सुनवाई कब है।

Sharad Jaiswal-Saurabh Sharma Bail Rejected

Sharad Jaiswal-Saurabh Sharma Bail Rejected

हाइलाइट्स
  • आरोपी सौरभ शर्मा और शरद जायसवाल की जमानत याचिका खारिज
  • बुधवार को सौरभ शर्मा के वकील और ईडी के बीच हुई थी लंबी बहस
  • सौरभ की मां, पत्नी और अन्य परिजनों को पहले ही मिल चुकी है जमानत

Sharad Jaiswal-Saurabh Sharma Bail Rejected : भोपाल से जुड़े बहुचर्चित आरटीओ घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बड़ी सफलता मिली है। ईडी की विशेष अदालत ने इस मामले के दो मुख्य आरोपियों - पूर्व आरटीओ कांस्टेबल सौरभ शर्मा और उसके सहयोगी शरद जायसवाल की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

अदालत ने यह फैसला ईडी की दलीलों को गंभीर मानते हुए सुनाया है। साथ ही सौरभ की कंपनी अविरल फिशरिज की जमानत भी मंजूर नहीं की गई है। अब सौरभ शर्मा, शरद जायसवाल और चेतन शर्मा जेल में ही रहेंगे, इनकी अगली पेशी 5 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी।

बुधवार को हुई थी दोनों पक्षों के बीच लंबी बहस

इस जमानत याचिका (Saurabh Sharma Bail Rejected) पर बुधवार को विशेष न्यायाधीश सचिन कुमार घोष की अदालत में सुनवाई हुई थी। अदालत में सौरभ शर्मा की मां, ईडी की टीम और दोनों पक्षों के अधिवक्ता मौजूद थे। सौरभ की ओर से एडवोकेट दीपेश जोशी ने बहस की, जबकि शरद की ओर से अधिवक्ता रजनीश बरैया ने पैरवी की। ईडी का पक्ष वकील विक्रम सिंह ने रखा।

बचाव पक्ष ने ईडी की कार्रवाई को काल्पनिक और तथ्यविहीन बताते हुए आरोपों को नकारा, जबकि ईडी ने जमानत मिलने पर जांच प्रभावित होने की आशंका जताई। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे गुरुवार को सुनाया गया।

ईडी के पास कोई ठोस सबूत नहीं: सौरभ के वकील

सौरभ शर्मा के अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि ईडी के पास उनके मुवक्किल के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं। उन्होंने बताया कि दुबई वीजा के लिए सौरभ ने एक कंस्ट्रक्शन कंपनी का ब्रोशर इस्तेमाल किया था, जिसके आधार पर उन्हें गलत तरीके से 150 करोड़ के विला का मालिक बताया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि जिस सोने और कैश से भरी कार को सौरभ की बताया जा रहा है, वह सौरभ के नाम पर पंजीकृत नहीं है। उन्होंने आरोपों को मनगढ़ंत बताया और जमानत की मांग की।

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मां, पत्नी और अन्य परिजनों को पहले ही मिल चुकी है जमानत

गौरतलब है कि इस मामले में 9 अप्रैल को सौरभ की मां उमा शर्मा, पत्नी दिव्या शर्मा, जीजा विनय आसवानी और जबलपुर निवासी साले रोहित तिवारी को अदालत से जमानत मिल चुकी है। 18वें अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश सचिन कुमार घोष की अदालत ने इन्हें 10 लाख रुपए के बॉन्ड पर पर रिहा किया था।

अब जबकि सौरभ शर्मा, शरद जायसवाल और चेतन को जमानत नहीं मिली है, इस केस में ईडी की जांच को और बल मिलेगा। साथ हीं इनकी पेशी 5 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई जाएगी।

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