Bhopal Old Ashoka Garden: भोपाल में अब ओल्ड अशोका गार्डन होगा 'राम बाग', 'विवेकानंद चौक' रखा जाएगा इस चौराहे का नाम

राजधानी भोपाल में नाम बदलने को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। अब ओल्ड अशोका गार्डन का रामबाग रखने की तैयारी है। 24 जुलाई को होने वाली नगर निगम बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी।

Bhopal Old Ashoka Garden: भोपाल में अब ओल्ड अशोका गार्डन होगा 'राम बाग', 'विवेकानंद चौक' रखा जाएगा इस चौराहे का नाम

Bhopal Ashoka Garden to Ram Bagh: राजधानी भोपाल में प्रमुख गार्डन और चौराहों के नाम बदलने को लेकर सियासत जोरों पर है। पुराने भोपाल शहर क्षेत्र में ओल्ड अशोका गार्डन का नाम बदलकर अब ‘राम बाग’ रखा जाएगा। वहीं, विवेकानंद पार्क के पास स्थित प्रमुख चौराहे को ‘विवेकानंद चौक’ नाम देने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।

दोनों लोकेशन के नाम बदलने के प्रस्ताव 24 जुलाई को सुबह 11 बजे नगर निगम परिषद की बैठक में पेश किए जाएंगे, जो आईएसबीटी स्थित नगर निगम कार्यालय में आयोजित की जाएगी। बैठक का एजेंडा तय हो चुका है और इसे लेकर नगर निगम पूरी तैयारी में है। इसके साथ ही विपक्ष ने 'शहर सरकार' को घेरने की तैयारी कर ली है।

बदलेगा ओल्ड अशोका गार्डन का नाम

नगर निगम परिषद की 24 जुलाई को होने वाली बैठक में ओल्ड अशोका गार्डन और उसके पास वाले एक चौराहे के नाम बदलने के प्रस्ताव रखे जाएंगे। वार्ड-69 के पार्षद सूर्यकांत गुप्ता ने यह प्रस्ताव रखा था। उनके अनुसार, 26 मई 2024 को पुराना अशोका गार्डन सुधार समिति की साधारण सभा में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस क्षेत्र का नाम बदलकर ‘राम बाग’ रखा जाए।

चौराहे को ‘विवेकानंद चौक’ नाम देने का प्रस्ताव

इसी तरह, 80 फीट रोड पर स्थित विवेकानंद पार्क के पास चौराहे को ‘विवेकानंद चौक’ नाम देने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है। विवेकानंद पार्क के पास के प्रमुख चौराहे को ‘विवेकानंद चौक’ नाम देने का प्रस्ताव पार्षद गुप्ता ने रखा था। स्थानीय लोग ने लंबे समय से इस चौराहे को एक पहचान देने की मांग कर रहे हैं, जिसके आधार पर यह नाम प्रस्तावित किया गया है।

नाम बदलने को लेकर सियासी पारा हाई

राजधानी में एक बार फिर नाम बदलने को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ता नजर आ रहा है। इस बार मामला है ओल्ड अशोका गार्डन का, जिसे अब ‘रामबाग’ नाम दिया जाएगा। यह प्रस्ताव नगर निगम परिषद की बैठक में लाया जा रहा है। बीजेपी पार्षद सूर्यकांत गुप्ता द्वारा पेश इस नामांतरण प्रस्ताव को MIC पहले ही मंजूरी दे चुकी है। अब इसे अंतिम मुहर के लिए परिषद में रखा जाएगा। विपक्ष जिसका विरोध कर सकता है।

पहले भी बदले जा चुके हैं नाम

इससे पहले भी भोपाल में कई स्थानों के नाम बदले जा चुके हैं। इससे पहले हमीदिया रोड का नाम गुरु नानक देव मार्ग किया गया। साथ ही इस्लाम नगर का नाम जगदीशपुर और हलालपुर का नाम भी बदला गया था। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का तर्क है कि ये नाम गुलामी के प्रतीक हैं और अब उन्हें भारतीय संस्कृति के अनुरूप परिवर्तित किया जा रहा है। हमें अपने गौरवशाली इतिहास और संस्कृति के अनुरूप नाम देने चाहिए। परिषद में इस पर गंभीरता से चर्चा होगी।"

25 करोड़ रुपए से बनेंगे 6 विसर्जन कुंड

नगर निगम की बैठक में भोपाल में 25 करोड़ की लागत से 6 आधुनिक विसर्जन कुंड निर्माण का भी प्रस्ताव बैठक में रखा जाएगा। इन कुंडों को पर्यावरण के अनुकूल और सुरक्षित बनाने के लिए कई आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।

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इन स्थानों पर बनेंगे विसर्जन कुंड और लागत

  • बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी: ₹4.45 करोड़ (यहाँ शेड, मॉनिटरिंग टॉवर, रिटेनिंग वॉल, पाथवे, बाउंड्रीवॉल, हरितिकीकरण, ड्रेनेज, इलेक्ट्रिफिकेशन और मुख्य द्वार जैसे निर्माण होंगे)
  • इसी तरह नीलबड़ में 6.01 करोड़ रुपए, संजीव नगर में 4.77 करोड़ रुपए, मालीखेड़ा में 2.49 करोड़ रुपए और प्रेमपुरा में 7.34 करोड़ रुपए से कुंड बनाए जाएंगे।

नाम बदलने को लेकर सियासत

विपक्ष 'शहर सरकार' को घेरने की तैयारी में है। बैठक में हंगामे के आसार नाम बदलने के इस प्रस्ताव पर विपक्षी दलों ने ऐतराज जताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शहर की मूलभूत समस्याएं जैसे पानी, सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था पर फोकस करने की बजाय बीजेपी 'नाम राजनीति' में उलझी है। बैठक के दौरान तीखी बहस और विरोध के आसार हैं।

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