गेहूं की जमाखोरी पर अंकुश: थोक व्यापारियों को 3 हजार टन से अधिक भंडारण करने की अनुमति नहीं

MP News: सरकार ने गेहूं की उचित मूल्य पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भंडारण की सीमा तय कर दी है।

गेहूं की जमाखोरी पर अंकुश: थोक व्यापारियों को 3 हजार टन से अधिक भंडारण करने की अनुमति नहीं

MP News: सरकार ने गेहूं की उचित मूल्य पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भंडारण की सीमा तय कर दी है। थोक व्यापारी अब 3,000 टन से अधिक गेहूं का भंडारण नहीं कर पाएंगे, जबकि फुटकर व्यापारियों के लिए यह सीमा 10 टन निर्धारित की गई है। यह नियम 31 मार्च 2025 तक लागू रहेगा। इससे बाजार में गेहूं की डिमांड समय से पूरी हो सकेगी और भाव भी ज्यादा नहीं होंगे

खाद्य नागरिप आपूर्ति विभाग ने जारी किया आदेश

खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने भंडारण की अधिकतम सीमा निर्धारण की अधिसूचना जारी की है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मध्य प्रदेश गेहूं (अधिकतम स्टाक सीमा एवं स्टाक घोषणा) नियंत्रण आदेश 2024 जारी किया गया है, जिसमें गेहूं के भंडारण की अधिकतम सीमा तय की गई है।

6 महीने तक जारी रहेगा आदेश

31 मार्च 2025 तक लागू रहेगा यह नियम, जिसमें थोक, फुटकर व्यापारी और प्रोसेसर के लिए अधिकतम भंडारण की सीमा तय की गई है। प्रोसेसर अपनी मासिक क्षमता के 70% मात्रा को वर्ष 2024-25 के शेष माह से हिसाब से रख सकता है। सभी को भंडारण सीमा की घोषणा करनी होगी और जांच के लिए दस्तावेज मांगे जाने या भौतिक सत्यापन किए जाने पर अनुमति देनी होगी। उल्लंघन करने पर भंडार जब्त कर लिया जाएगा।

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