MP BJP Professional Meet Bhopal : प्रोफेशनल मीट में भोपाल को AI का हब बनाने के प्रस्ताव पर क्या बोले CM डॉ. मोहन यादव

MP BJP Professional Meet Bhopal : भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में बीजेपी की प्रोफेशनल मीट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रोफेशनल्स से संवाद किया। इस चर्चा में भोपाल क्रेडाई के अध्यक्ष मनोज सिंह मीक ने भोपाल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित इंडस्ट्री के हब के रूप में डेवलप करने का सुझाव दिया।

MP BJP Professional Meet Bhopal : प्रोफेशनल मीट में भोपाल को AI का हब बनाने के प्रस्ताव पर क्या बोले CM डॉ. मोहन यादव

हाइलाइट्स

  • भोपाल में बीजेपी की प्रोफेशनल मीट का आयोजन
  • सीएम मोहन यादव ने किया प्रोफेशनल्स से संवाद
  • भोपाल के विजन पर क्रेडाई अध्यक्ष ने दिया सुझाव

MP BJP Professional Meet Bhopal : भोपाल में शुक्रवार, 20 जून को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रोफेशनल मीट का आयोजन किया। इस मीट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी शामिल हुए। इस दौरान सीएम ने अलग-अलग सेक्टर के कई प्रोफेशलन से सीधा संवाद भी किया। इस चर्चा में भोपाल क्रेडाई (CREDAI) के अध्यक्ष मनोज सिंह मीक ने भोपाल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित इंडस्ट्री के हब के रूप में डेवलप करने का सुझाव दिया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश 1990 के दशक में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) सेक्टर में आई क्रांति का लाभ लेने से चूक गया। इसीलिए अब AI क्रांति का लाभ लेने से नहीं चूकना चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री ने भोपाल के विकास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष योगदान का उदाहरण के साथ लंबा प्रसंग सुनाया।

पढ़िए इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री और टाउन प्लानर एक्सपर्ट का रोचक संवाद।

मनोज मीक: मैं मनोज मीक हूं क्रेडाई से माननीय मुख्यमंत्री जी और भाजपा के अध्यक्ष महोदय आपको संबोधित करता हूँ कि भोपाल जिले का प्रोग्राम है और रविंद्र जी जैसा बेहतर अध्यक्ष आपने हमें दिया है। हम पिछले काफी समय से भोपाल के लिए भोपाल के बेहतर विकास के लिए काम कर रहे हैं। एक रिपोर्ट हमने माननीय मुख्यमंत्री जी को जीआईएस के टाइम सौंपी थी जिसका नाम ‘कमाल का भोपाल’ है और उसमें कई बिंदु थे जिनको लगातार इंप्लीमेंट भी किया जा रहा है।

हालांकि हमारा निवेदन यह रहेगा कि उस पर अगर प्राथमिकता देंगे तो यह शहर क्योंकि 84 के बाद में आपको मालूम है कि गैस त्रासदी के सदमे के बाद इसको उबरने में बहुत लंबा समय लगा और 90 के दशक में हम आईटी का जो रेवोल्यूशन था उसको चूक गए। अब उससे कई गुना बड़ा रेवोल्यूशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का हमारे सामने है और करीब 2200 एकड़ का जो बीएचईल का क्षेत्र है वह जमीन हमारे पास राज्य सरकार को विकास के लिए मिलना संभावित है।

हमारा मुख्यमंत्री से निवेदन रहेगा कि उसमें इंटेलिजेंस बेस्ड इंडस्ट्रीस अगर प्लान करें। एआई इंफ्रास्ट्रक्चर जिस शहर में सबसे पहले आएगा वह सबसे तेजी से विकसित होगा और भोपाल को यह अवसर मिलना ही चाहिए क्योंकि यह त्रासदी से गुजरा हुआ शहर है, इसका हक बनता है कि इसको बेहतर तरीके से विकसित किया जाए।

मुख्यमंत्री मोहन यादव: मनोज जी चलो भोपाल से जोड़ के बात की है तो दो मिनट आपसे बात कर लें। मोदी जी को भोपाल के संदर्भ में, मोदी जी ने क्या सौगात दी माइक देना जरा मनोज जी को।

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मनोज मीक: सर मुझे अवसर मिला था उनको भी अपनी रिपोर्ट पहुंचाने का राजभवन में और…

मुख्यमंत्री:अरे वो उससे तो गाड़ी बढ़ गई आगे जी तो और वो…

मनोज मीक:यहां यहां पर जो जीआईएस आपने कराया वो सबसे बड़ा उदाहरण है, मतलब ये पहली बार हुआ और ये आपको श्रेय जाता है, हम हमेशा साहब यह सोचते थे कि भोपाल का नंबर पता नहीं कब आएगा पिछले 13-14 सालों से। इसके लिए तो आप बहुत धन्यवाद के पात्र हैं माननीय मुख्यमंत्री जी।

मुख्यमंत्री:देखो-देखो आपसे मैंने जो प्रश्न किया ना थोड़ा सा वापस वहीं ले जाते हैं। हमने कहा कि मोदी जी के संदर्भ में भोपाल को 11 वर्ष में क्या दिया?

मनोज मीक:11 वर्ष में कई काम हुए हैं… निश्चित रूप से मेट्रो दी है, फ्लाईओर भी दिए हैं....

मुख्यमंत्री: देखो-देखो मैं आपको मदद कर देता हूँ मनोज जी, मोदी जी ने अपने आप को दे दिया आज़ादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री ने अपने साथ रात भोपाल में बिताई हैं, ये हुआ कि नहीं हुआ? ठीक बात? आज़ादी के बाद कोई प्रधानमंत्री भोपाल में रात गुजारे यह पहली बार मोदी जी के माध्यम से हुआ, जीआईएस तो है ही उस पर सोने पर सुहागा। मोदी जी का रात गुजारना हमारे लिए हुआ, यह भोपाल के लिए इस संदर्भ में भी जरूरी है।

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प्रधानमंत्री नेहरू जी भी रहे थे, लेकिन नेहरू जी आए काहे के लिए? वो तत् समय में आप रिकॉर्ड देख लेना वो भोपाल में नहीं रहे, वह बेगम साहिबा जो भोपाल की शासिका थीं उसके कोई से फार्म हाउस में वह यहां शिकार के संदर्भ में आए। तो विकास के लिए भोपाल में आना यह मोदी जी ने ही सार्थक किया… जोरदार अभिनंदन करें इस नाते से। यह मैंने इसलिए बोला कि हमको सबको यह भी बोलते आना चाहिए और याद भी रहना चाहिए है ना। तो इस दृष्टि से मैंने इसको छेड़ा, अब फिर बाकी मेट्रो एयरपोर्ट, इंटरनेशनल एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन विश्व का सबसे आधुनिक रेलवे स्टेशन कमलापति की भी सौगात दी गई।

मनोज मीक:लेकिन माननीय, हम बाकी राजधानियों से ज़रूर पीछे हैं…

मुख्यमंत्री:अरे अभी जरा ठहरो तो सही यार, जल्दी मत करो, ऐसा मत करो भाई, अभी तो ये शुरुआत हुई है। इधर एक बढ़िया दोहा है, दोहा मैं दोहरा देता हूं...

“धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय।
माली सींचे सौ घड़ा, ऋतु आए फल होय॥"

अभी तो शुरुआत हुई है, आप जो कहोगे बिल्कुल वैसा होगा। लेकिन जो बड़ी सौगात मिली उस संदर्भ में मैंने बात निकाली थी कि किसी भी कार्यक्रम के लिए इतना डिवोशन, और वह देश के नहीं दुनिया के सबसे व्यस्ततम और सबसे लोकप्रिय नेता हैं। उनके दिल में था कि जीआईएस भोपाल में क्यों नहीं हो सकती? होना चाहिए, यह उसका जवाब था।

जब लोग कहते भोपाल में रात में रुकने की जगह नहीं, कोई कहां रुकेगा? कौन रुकेगा? व्यापारी आएँगे ही नहीं, उद्योगपति आएंगे ही नहीं। तो बाकी तो ठीक है, प्रधानमंत्री ही आकर रुक गए इससे बड़ी क्या बात होगी। यह बदलता समय है ना, जब करने की इच्छा शक्ति हो तो चांद पर लोग रात रह जाते हैं। यह उदाहरण हुआ? कि नहीं हुआ?? भोपाल तो तालों की नगरी है, बाबा महाकाल की नगरी भी दूर नहीं, वेतालों की नगरी भी है आसपास, अपने को तो ताल-वेताल सब यहीं मिल रहा है, चिंता क्यों कर रहे हो, सब अच्छा होगा, बैठो आराम से।

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