Bhopal में बुलडोजर एक्शन: जमींदोज हुआ 40 साल पुराना मार्केट, 110 दुकानें तोड़ी, कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला नजरबंद

Bhopal Bulldozer Action, Moti Nagar Market; भोपाल के मोतीनगर बस्ती में रविवार (9 फरवरी) को प्रशासन ने बड़ा बुलडोजर एक्शन लिया। इस कार्रवाई में 110 दुकानों को गिरा दिया गया।

Bhopal में बुलडोजर एक्शन: जमींदोज हुआ 40 साल पुराना मार्केट, 110 दुकानें तोड़ी, कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला नजरबंद

Bhopal Bulldozer Action: भोपाल के मोतीनगर बस्ती में रविवार (9 फरवरी) को प्रशासन ने बड़ा बुलडोजर एक्शन लिया। इस कार्रवाई में 110 दुकानों को गिरा दिया गया। प्रशासन ने सुबह 5 बजे ही बस्ती में पहुंचकर पूरे इलाके को सील कर दिया और एक किलोमीटर तक बैरिकेडिंग की गई, ताकि कोई अंदर न आ सके।

इसके बाद दुकानों पर बुलडोजर चलाना शुरू किया गया। प्रशासन ने पहले ही लोगों को चेतावनी दी थी कि वे अपना सामान हटा लें। कांग्रेस ने इस कार्रवाई का विरोध किया है, जबकि प्रशासन ने कहा है कि बस्ती के 384 मकानों को भी तोड़ा जाएगा।

सुरक्षा में एक हजार पुलिसकर्मी तैनात

इस कार्रवाई को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। करीब 1000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। कार्रवाई में 10 जेसीबी, 2 पोकलेन, 25 डंपर, 10 ट्रैक्टर ट्राली और 50 लोडिंग गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया। सुभाषनगर ब्रिज को भी बंद कर दिया गया, ताकि कोई प्रदर्शन न कर सके। मीडिया को भी इस इलाके में जाने की अनुमति नहीं दी गई।

कांग्रेस ने किया जोरदार विरोध

कांग्रेस ने इस बुलडोजर एक्शन का जोरदार विरोध किया है। कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने प्रशासन को ज्ञापन देकर बस्ती खाली न कराने की अपील की थी, लेकिन प्रशासन अपने फैसले पर अडिग रहा।

कार्रवाई के दौरान हंगामा होने की आशंका के चलते पुलिस ने मनोज शुक्ला को उनके घर में नजरबंद कर दिया। कांग्रेस का कहना है कि यह गरीबों के साथ अन्याय है और 40 साल पुराने मार्केट की दुकानों को इस तरह ढहाया नहीं जा सकता। इससे लोगों की आजीविका पर संकट पैदा हो जाएगा।

384 मकानों को तोड़ा जाएगा

प्रशासन ने कहा है कि बुलडोजर एक्शन का अगला चरण और भी बड़ा होने वाला है। जल्द ही बस्ती के 384 मकानों को भी ढहाया जाएगा। ये सभी मकान रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए हैं।

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प्रशासन ने 6 फरवरी को ही लोगों को चेतावनी दी थी कि वे अपने घर खाली कर दें। कई लोगों ने स्वेच्छा से अपना सामान हटा लिया था, लेकिन अब भी कुछ लोग वहां मौजूद हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगर इन लोगों के सामान को नुकसान होता है तो उसकी जिम्मेदारी प्रशासन की नहीं होगी।

सुभाषनगर ब्रिज को किया गया सील

कार्रवाई के दौरान सुभाषनगर ब्रिज को पूरी तरह सील कर दिया गया। प्रशासन को आशंका थी कि यहां से प्रदर्शनकारी उपद्रव कर सकते हैं। इसलिए ब्रिज के दोनों छोर पर पुलिस तैनात कर दी गई। आसपास की गलियों और सड़कों को भी बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया। मोतीनगर बस्ती की ओर जाने वाली सभी सड़कों पर भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।

प्रशासन के अनुसार, सुभाषनगर ब्रिज की तीसरी लेन बनाने और रेलवे ट्रैक के विस्तार की योजना है। इसी वजह से यह अतिक्रमण हटाया जा रहा है। रेलवे ने इस इलाके को अतिक्रमण मुक्त करने का निर्देश दिया था।

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