भोपाल के जिंदल अस्पताल में घुटने की सर्जरी के बाद युवती की मौत, परिवार का आरोप- लापरवाही और दवा के ओवरडोज से गई जान

Bhopal Jindal Hospital patient death Case: भोपाल के जिंदल अस्पताल में घुटने की सर्जरी के बाद युवती की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और दवा का ओवरडोज देने का आरोप लगाया है।

भोपाल के जिंदल अस्पताल में घुटने की सर्जरी के बाद युवती की मौत, परिवार का आरोप- लापरवाही और दवा के ओवरडोज से गई जान

हाइलाइट्स

  • भोपाल में जिंदल अस्पताल में इलाज के दौरान युवती की मौत
  • परिजनों का फूटा गुस्सा, प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप
  • घुटने की सर्जरी के बाद बिगड़ी तबीयत, ICU में मौत

Bhopal Jindal Hospital patient death Case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अस्पताल में इलाज के दौरान युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है, भोपाल में जिंदल अस्पताल (Jindal Hospital) में भर्ती एक 24 वर्षीय युवती ने घुटने की सर्जरी के बाद अचानक मौत हो गई। इसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।

मामले में मृतका के परिजन अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और इंजेक्शन का ओवरडोज देने का आरोप लगा रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन इस मामले में चुप्पी साधे हुए है, जबकि मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया है, पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले में जांच शुरू कर दी है। वहीं इस घटना के बाद स्वास्थ्य तंत्र पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।

जिंदल अस्पताल में मरीज की मौत का मामला

जानकारी के अनुसार बैरसिया रोड स्थित विकास नगर कॉलोनी निवासी शालू यादव (24) को अयोध्या नगर थाना क्षेत्र स्थित जिंदल अस्पताल में भर्ती किया गया था। परिजनों के मुताबिक शालू की घुटने की सर्जरी होनी थी, जिसके लिए उसे गुरुवार सुबह 11 बजे जिंदल अस्पताल में भर्ती किया गया था और शाम 5 बजे ऑपरेशन किया गया। सर्जरी के बाद ICU में करने के बाद भर्ती के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई।

परिवार का आरोप- दिया गया दवा का ओवरडोज

अस्पताल में युवती की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा भड़क गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही और दवा का ओवरडोज देने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि युवती की तबीयत बिगड़ने के बाद प्रबंधन ने गंभीरता नहीं दिखाई, डॉक्टर्स ने समय पर ध्यान नहीं दिया जिसके कारण युवती की मौत हुई है।

भाई ने लगाए इलाज में लापरवाही के आरोप

भाई नीतेश यादव के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद शालू को ICU में शिफ्ट कर दिया गया था, बहन को लगातार दर्द हो रहा था, जिसकी जानकारी उन्होंने स्टाफ को दी। रात 1 बजे उसे एक इंजेक्शन दिया गया लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। नीतेश ने बताया कि रात 3:30 बजे मां ने देखा कि शालू अचेत अवस्था में थी। उन्होंने डॉक्टरों को तुरंत सूचित किया लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। सुबह 6 बजे परिजनों को बताया गया कि शालू की मृत्यु हो चुकी है।

डॉक्टर्स ने नहीं दी ठीक से जानकारी

परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने रातभर कोई ठोस जानकारी नहीं दी, सिर्फ यह कहा कि CPR दिया गया, लेकिन ऐसा कुछ दिखाई नहीं दिया।

पुलिस जांच में जुटी, अस्पताल प्रबंधन चुप

मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शालू के शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार को करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने कहा है कि मामले में जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है। इधर, अस्पताल से जुड़े आशीष अग्निहोत्री ने व्यस्तता का हवाला देकर बयान देने से इनकार कर दिया।

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स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया

मामले में CMHO डॉ. प्रभाकर तिवारी ने कहा कि घटना की जानकारी मिल गई है और जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल मामले में हड़कंप मचा हुआ है।

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