Bhopal-Indore Bus Route Update: अब बैरागढ़ नहीं गांधीनगर-सीहोर बॉयपास से होकर जाएंगी इंदौर रूट की बसें

Bhopal-Indore Bus Route Update: डबल डेकर पुल निर्माण के कारण इंदौर, उज्जैन-सीहोर की बसें अब भोपाल के बैरागढ़ से न जाकर गांधीनगर से गुजरेगी।

Bhopal-Indore Bus Route

Bhopal-Indore Bus Route Update: बैरागढ़ मेन रोड पर चल रहे डबल डेकर पुल निर्माण के कारण इंदौर, उज्जैन-सीहोर की बसें (Bhopal-Indore Bus Route) अब भोपाल के बैरागढ़ से न जाकर अब बदले रूट से गुजरेंगी। इन बसों को अब बदले हुए रूट यानी वाया हलालपुर से लालघाटी ब्रिज होते हुए गांधी नगर से सीहोर बायपास होकर गुजारा जाएगा। बताया जा रहा है इससे जाम की नौबत नहीं आएगी।

डबल डेकर फ्लाईओवर ब्रिज की विशेषता

भोपाल में मध्यप्रदेश का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर ब्रिज (Double Decker Flyover Bridge) बन रहा है। इसकी लागत लगभग 221 करोड़ रुपए आएगी। यह ओवरब्रिज बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर) में बनाया जा रहा है, जिसकी लंबाई 3 किलोमीटर और चौड़ाई 60 फीट होगी। इस डबल डेकर ब्रिज की विशेषता यह है कि इसके नीचे गाड़ियां चलेंगी, जबकि ऊपर मेट्रो ट्रेनें दौड़ेंगी। 

इससे इंदौर-भोपाल (Bhopal-Indore Bus Route) के बीच आना-जाना आसान हो जाएगा और बैरागढ़ में जाम की समस्या कम हो जाएगी। हालांकि, निर्माण के दौरान जाम की स्थिति बन रही है, जिसके कारण कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने यात्री बसों को बाहर से गुजारे जाने का आदेश दिया है।

बसों के संचालन को लेकर यह बदलाव

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के आदेश के बाद परिवहन विभाग ने यात्री बसों का रूट बदल दिया है। अब तक बसें हलालपुर बस स्टैंड से बैरागढ़ होते हुए इंदौर, आष्टा, सीहोर, उज्जैन की ओर जाती थीं।

लेकिन, अब इन्हें हलालपुर बस स्टैंड से लालघाटी, गांधीनगर से सीहोर बायपास (फंदा) होते हुए इंदौर-भोपाल स्टेट हाईवे पर डायवर्ट किया जाएगा। यानी, यात्री बसें बैरागढ़ से नहीं गुजरेगी। ताकि, जाम की स्थिति न बनें।

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दोनों ओर सड़क छोटी हो गई

लाऊखेड़ी सीवेज पंप से झूलेलाल विसर्जन घाट तक 3 किलोमीटर लंबे और 19 मीटर (60 फीट) चौड़े इस एलिवेटेड डबल डेकर फ्लाई ओवर का निर्माण किया जा रहा है। बैरागढ़ में बन रहे एलिवेटेड डबल डेकर फ्लाई ओवर के कारण पिलर का निर्माण होने से बेरिकेडिंग की गई है। इस वजह से दोनों ओर सड़क छोटी हो गई है। इस वजह से यात्री बसों का रूट बदला गया है

इस सड़क चौड़ाई इतनी ही है कि एक बार में एक बस ही गुजर सके। जबकि, यहां पर ट्रैफिक का दबाव सबसे ज्यादा रहता है। बड़ा कपड़ा मार्केट होने से भोपाल समेत आसपास के डेढ़ सौ किलोमीटर दूर तक के व्यापारी खरीदी करने आते हैं।

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