Bhopal FDA Raid: भोपाल के दवा बाजार में FDA का छापा, प्रतिबंधित कफ सिरप की 80 शीशियां जब्त, 10 सील

Bhopal FDA Raid: भोपाल के दवा बाजार में FDA की छापेमारी, प्रतिबंधित कफ सिरप रेस्पिफ्रेस डी और एएनएफ की 80 बोतलें जब्त, 10 को सैंपल के लिए सील किया गया।

Bhopal FDA Raid

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हाइलाइट्स 

  • प्रतिबंधित कफ सिरप की जब्ती

  • 5 दुकानों पर बिलिंग के प्रमाण

  • FDA और एसोसिएशन सतर्क

Bhopal FDA Raid: मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में कथित रूप से कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के बाद अब राज्यभर में प्रशासन की नींद खुलती नजर आ रही है। मंगलवार को भोपाल के दवा बाजार में फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की टीम ने बड़े स्तर पर छापेमारी की और प्रतिबंधित कफ सिरप रेस्पिफ्रेस डी और एएनएफ की बोतलों को जब्त किया।

FDA को यह कार्रवाई तब करनी पड़ी जब यह खुलासा हुआ कि इन कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकॉल जैसे खतरनाक केमिकल की मात्रा मानक से अधिक पाई गई थी, जो मानव स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है। खासकर बच्चों के लिए ये दवाएं जानलेवा साबित हो रही हैं।

[caption id="attachment_910449" align="alignnone" width="1150"]Bhopal FDA Raid प्रतिबंधित कफ सिरप रेस्पिफ्रेस डी और एएनएफ की 80 बॉटल्स जब्त[/caption]

10 शीशियां सील, 80 शीशियां जब्त

FDA की टीम ने निरीक्षण के दौरान 10 बोतलें बतौर सैंपल सील कीं, जबकि 80 अन्य बोतलें जब्त कर ली गईं। अधिकारियों के अनुसार, भोपाल की 5 दवा एजेंसियों से इन कफ सिरप की बिलिंग के प्रमाण मिले हैं। इन एजेंसियों के नाम हैं- राहुल फार्मा, गुरुदेव ट्रेडर्स, प्रसिधि फार्मा, राजेन्द्र मेडिकल एजेंसी और राज मेडिकल एजेंसी। इन सभी स्थानों पर टीम ने मौके पर जांच की और आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल की।

कुछ दुकानदारों ने लौटाया स्टॉक

इस छापेमारी के दौरान दो दुकानदारों ने FDA टीम को जानकारी दी कि जैसे ही उन्हें सिरप की गुणवत्ता को लेकर फेल होने की सूचना मिली, उन्होंने तुरंत पूरा स्टॉक निर्माता कंपनी को वापस भेज दिया था। जबकि तीन दुकानों से सैंपल्स इकट्ठा कर सील किए गए हैं, जिन्हें अब लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

3 कफ सिरप अमानक पाए गए

मप्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की हालिया जांच रिपोर्ट में 19 दवाओं के सैंपल लिए गए, जिनमें से तीन कफ सिरप अमानक पाए गए। इसमें कोल्ड्रिफ (तमिलनाडु), री-लाइफ और रेस्पिफ्रेस टीआर (गुजरात में निर्मित) शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकॉल जैसे केमिकल की मौजूदगी से किडनी और लिवर को गंभीर नुकसान हो सकता है, और यह बच्चों के लिए जानलेवा हो सकता है।

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केमिस्ट एसोसिएशन ने जारी किया सर्कुलर

भोपाल के केमिस्ट एसोसिएशन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी मेडिकल दुकानों को सर्कुलर जारी किया है। अध्यक्ष जितेंद्र धाकड़ ने कहा कि संगठन की ओर से सभी को निर्देश दिया गया है कि बिना डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन के कोई भी दवा न बेची जाए। उन्होंने कहा कि दवा बाजार में चल रही इस जांच में केमिस्ट एसोसिएशन पूर्ण सहयोग कर रहा है और आगे भी करेगा।

भोपाल के दवा कारोबार पर बड़ा असर

यह छापेमारी केवल कानूनन कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह पूरे मेडिकल इकोसिस्टम को जागरूक और जिम्मेदार बनाने की दिशा में एक कड़ा कदम है। आम जनता को भी चाहिए कि वे बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी सिरप या दवा बच्चों को न दें, और गुणवत्ता वाले मेडिकल स्टोर से ही दवाएं खरीदें।

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