Bhopal Rape Case: 11 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म, आरोपी की पत्नी ने की घिनोने काम में मदद

भोपाल में 11 साल की बच्ची को दंपति ने बंधक बनाया और पति ने बच्ची के साथ रेप किया।

child rape

Bhopal Rape Case: भोपाल में 11 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी ने लड़की को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने अपने घर में वारदात को अंजाम दिया। आरोपी की पत्नी ने दुष्कर्म में उसका साथ दिया। यह मामला नजीराबाद इलाके का है। जहां सोमवार को आरोपी ने बच्ची को बंधक बनाकर रेप किया। आरोपी और पीड़ित के परिजन के बीच पहले से जान-पहचान है। 

आरोपी की पत्नी भी शामिल

पुलिस के मुताबिक आरोपी विनय सिंह अहिरवार सोमवार को पीड़िता के घर पहुंचा। उसकी पत्नी पूना बाई साथ थी। उन्होंने लड़की से कहा कि पूना बाई की तबीयत खराब है। घरेलू काम में थोड़ी मदद कर दो। लड़की उनके साथ घर आ गई। यहां विनय ने उसे डरा धमकाकर उसका रेप किया। आरोपी की पत्नी ने भी बच्ची को धमकाया और पूरी रात उसे घर में बंधक बनाकर रखा।

दंपति के खिलाफ एफआईआर, पहुंचे जेल 

जब मंगलवार की सुबह लड़की अपने घर पहुंची तो उसने परिजनों को पूरा घटनाक्रम बताया। परिवार वाले उसे लेकर थाने पहुंचे और दंपती के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। मामले को लेकर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। आरोपियों को उनके घर से गिरफ्तार कर बैरसिया कोर्ट में पेश किया गया। यहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है।

पोक्सो के तहत मामला दर्ज

बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म से आक्रोशित परिजनों ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज की। पुलिस ने बंधक बनाने, दुष्कर्म और पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया। पति के अपराध में पत्नी क्यों शामिल हुई? इस संबंध में पूछताछ की जा रही है।

क्या है POCSO? 

पोक्सो POCSO एक्ट का फ़ुल फ़ॉर्म- प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस ऐक्ट है। हिन्दी में इसका मतलब लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम है। पोक्सो एक कठोर कानून है जो बच्चों को शारीरिक, भावनात्मक, या यौन शोषण से बचाता है।

POCSO से जुड़ी खास बातें

पोक्सो कानून में सभी लिंग के बच्चों को सुरक्षा दी जाती है। इस कानून के तहत, 18 साल से कम उम्र के सभी बच्चों को सुरक्षा का अधिकार दिया जाता है। इस कानून में तत्काल सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए स्पेशल न्यायालयों की स्थापना की गई है। 

इस कानून के तहत, पुलिस की जिम्मेदारी होती है कि वह शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करें। पुलिस को पीड़ित की मेडिकल जांच करानी के साथ-साथ अपराध के सबूत इकट्ठा करने होते हैं। पोक्सो में पुलिस को एक्यूस्ड का मुकदमा समय पर चलाना होता है।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article