Bhopal ED Raid: SBI से 1266 करोड़ के बैंक लोन घोटाले में AOPL की 300 करोड़ की संपत्ति जब्त, खुद को बताया था दिवालिया

Bhopal ED Raid SBI Bank Loan Fraud AOPL Compay Case Update: SBI से 1266 करोड़ के बैंक लोन घोटाले में AOPL की 300 करोड़ की संपत्ति जब्त, खुद को बताया था दिवालिया bhopal-ed-raid-update-sbi-1266-cr-loan-fraud-aopl-pmla-act-mp-hindi-news-pds

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Bhopal ED Raid SBI Bank Loan Fraud AOPL Compay Case Update: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एडवांटेज ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड (AOPL) कंपनी के खिलाफ छापेमारी करके 300 करोड़ की संपत्ति जब्त की है। आपको बता दें ये पूरी कार्यवाही SBI से 1266 करोड़ के बैंक लोन घोटाले के मामले में की गई है।

https://twitter.com/dir_ed/status/1952726010438533158

ईडी की कार्रवाई में क्या

आपको बता दें एसबीआई से लोन घोटाले मामले में ईडी ने ये रेड मंगलवार 5 अगस्त को मारी थी। इस कार्रवाई में अब तक 300 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्तियां और नकदी जब्त की गई है।

लोन के बाद खुद को बताया एनपीए

आपको बता दें ये वही कंपनी है जिसने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से 1266 करोड़ रुपए का लोन लेने के बाद खुद को एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) घोषित कर दिया था।

ऐसे हुआ था आरबीआई का घोटाला

आपको बता दें ईडी ने इस मामले में 5 अगस्त मंगलवार को रेड मारी थी जिसकी जांच में सामने आया, कि कंपनी ने जानबूझकर फर्जी तरीके से अपना टर्नओवर 100 गुना ज्यादा दिखाया है ताकि वह बैंक से बड़ी रकम का लोन ले सके। इतना ही नहीं इस बैंक लोन का पैसा गलत तरीकों से, अपनी दूसरी कंपनियों और रिश्तेदारों के नाम पर 73 संस्थाओं के जरिए किया गया है।

लोन न चुकाने के लिए अपनाया ये तरीका

आपको बता दें इस कंपनी ने खुद को घाटे में दिखाकर एनपीए घोषित कर दिया ताकि लोन वापस न चुकाना पड़े और लोन चुकाने से बच जाए।

कहां-कहां हुई ईडी की छापेमारी?

आपको बता दें ईडी ने PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) 2002 के तहत देश और विदेश में कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी की।

इस दौरान क्या क्या हुआ

  • फर्जी कंपनियों के नाम पर खरीदी गई महंगी प्रॉपर्टी,
  • कर्मचारियों और बेनामी नामों पर रखी गई संपत्तियों,
  • और अवैध लेन-देन से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए।
  • इन सबूतों से साफ हो गया कि कंपनी ने बैंक से मिला पैसा चालाकी से ठिकाने लगाया और फिर खुद को डूबता हुआ दिखाया।

CBI की FIR के बाद हुई जांच

जानकारी के अनुसार इस मामले में सीबीआई ने पहले ही कंपनी और उसके डायरेक्टर्स के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश और भ्रष्टाचार को लेकर एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी। इसी के आधार पर ईडी ने इस मामले में जांच शुरू की।

आपको बता दें ईडी को पता चला था कि इस मोटी रकम से देश और विदेश में बड़ी संपत्तियां खरीदी गईं हैं जिसमें बड़ी संख्या में जमीन, फ्लैट, गाड़ियां और नकद पैसा शामिल किया गया है।

जांच जारी

इस मामले में ताजा अपडेट के मुताबिक अब तक जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार कंपनी ने बहुत ही प्लानिंग के साथ बैंक के साथ फ्रॉड किया। इसके बाद इसे इधर-उधर घुमाकर काले धन को सफेद करके अंत में अपने आप को दिवालिया बता दिया।

तलाशी के दौरान मिले दस्तावेज

जानकारी के अनुसार ईडी (Bhopal ED Raid ) ने जो तलाशी की है उसके अनुसार जो दस्तावेज मिले हैं, उनसे यह मामला और अधिक गहरा हो सकता है। हालांकि इस मामले में जांच अभी भी जारी है साथ ही आने वाले दिनों में इससे जुड़े और कई खुलासे एवं ज़ब्तियां हो सकती हैं।

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