Bhopal E-Rickshaw Ban: भोपाल में अब इन रूट्स पर नहीं चलेंगे ई-रिक्शा, नो एंट्री में पकड़े जाने पर कटेगा चालान

भोपाल में ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। राजधानी के वीवीआईपी और व्यस्त मार्गों पर ई‑रिक्शा की एंट्री पार्किंग पर प्रतिबंध लगाया गया है।

Bhopal E-Rickshaw Ban: भोपाल में अब इन रूट्स पर नहीं चलेंगे ई-रिक्शा, नो एंट्री में पकड़े जाने पर कटेगा चालान

Bhopal E-Rickshaw Ban VVIP routes No Entry: भोपाल प्रशासन ने ट्रैफिक जाम को नियंत्रित करने के उद्देश्य से राजधानी के 12 प्रमुख व्यस्ततम और वीवीआईपी मार्गों पर ई-रिक्शा (E-rickshaw) पर रोक लगाने का फैसला लिया है। आज 22 जुलाई से इन मार्गों पर न तो ई‑रिक्शा चलेंगे और न ही पार्किग की परमिशन होगी। जिला सड़क सुरक्षा समिति ने 27 जून की बैठक के निर्णय के बाद यह कदम उठाया गया है। साथ ही भोपाल में ई-रिक्शा से स्कूली बच्चों को ले जाने पर भी बैन लगाया गया है।

ई-रिक्शा बैन का विरोध तेज

इधर, प्रशासन के इस फैसले का विरोध भी शुरू हो गया है। कई ई-रिक्शा चालक प्रतिबंध लगाने के विरोध में सड़क पर उतर आए हैं। राजधानी में आज से लागू हुए ई-रिक्शा बैन के खिलाफ शहरभर के ई-रिक्शा चालकों ने मोर्चा खोल दिया है। रोक लगाने के फैसले से नाराज सैकड़ों चालक में रोष है। विरोध प्रदर्शन करते हुए चालक खेल एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग के घर के बाहर पहुंचे और बैन को हटाने ने की मांग की।

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वीवीआईपी सड़कों पर ई-रिक्शा पूरी तरह बैन

राजधानी भोपाल की सबसे व्यस्त और संवेदनशील मानी जाने वाली 12 प्रमुख वीवीआईपी सड़कों पर बुधवार से ई-रिक्शा के संचालन और पार्किंग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। यह फैसला 27 जून 2025 को हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया था, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। इन प्रतिबंधित सड़कों की कुल लंबाई लगभग 25.5 किलोमीटर है।

ई-रिक्शा पर बैन लगाने की मुख्य वजहें

भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने इन मार्गों का चयन मुख्य आधारों पर किया है, जैसे इन सभी मार्गों पर पहले से नगर सेवा बसें संचालित हो रही हैं। ई-रिक्शा की अधिकता के कारण यहां बार-बार ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है। इस निर्णय का उद्देश्य राजधानी में सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखना और वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इससे दो पहले जिला प्रशासन ने ई-रिक्शा से स्कूली बच्चों के परिवहन पर प्रतिबंध लगाया था। यह कदम बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया।

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पहले समझाइश, फिर होगी सख्ती

भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित मार्गों पर अगले सात दिनों तक ई-रिक्शा चालकों को केवल समझाइश दी जाएगी। इस अवधि में चालकों को नए नियमों के बारे में जागरूक किया जाएगा। समय सीमा पूरी होने के बाद, यदि कोई चालक इन मार्गों पर ई-रिक्शा चलाते या पार्क करते पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए चालान काटा जाएगा।

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पुलिस ने जनता से मांगा सहयोग

भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने ई-रिक्शा प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है। यदि कोई ई-रिक्शा प्रतिबंधित मार्गों पर संचालित होता दिखाई दे, तो नागरिक तुरंत ट्रैफिक कंट्रोल रूम के नंबर 0755-2677340 या 2443850 पर कॉल कर सूचना दे सकते हैं।

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किन मार्गों पर है ई-रिक्शा पर प्रतिबंध?

  • वंदे मातरम चौराहा से 10 नंबर स्टॉप
  • 10 नंबर से नेशनल अस्पताल, साढ़े 10 नंबर तक
  • सेंटर प्वाइंट से रोशनपुरा
  • काटजू अस्पताल तिराहा से रंगमहल
  • जीजी फ्लाईओवर

सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने लिया फैसला

भोपाल ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, जिन मार्गों पर ई-रिक्शा प्रतिबंधित किए गए हैं, वहां वीआईपी मूवमेंट ज्यादा होता है और ट्रैफिक का घनत्व भी अत्यधिक रहता है। ऐसे में नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए यह कदम उठाया गया है। ई-रिक्शा की धीमी गति, अनियमित संचालन और अव्यवस्थित पार्किंग अक्सर जाम और दुर्घटनाओं का कारण बनती है। यही वजह है कि प्रशासन ने इस दिशा में सख्ती बरतने का निर्णय लिया है।

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भोपाल में 7,000 से ज्यादा ई-रिक्शा

भोपाल क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की रिपोर्ट के मुताबिक, शहर में 7,000 से अधिक ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं, जिनमें से अधिकांश के पास वैध परमिट नहीं है। भोपाल टॉकीज से करोंद चौराहा और अयोध्या बायपास तक ई-रिक्शा के अत्यधिक संचालन से लगातार भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है। हालांकि ये आंकड़े पिछले वर्ष के हैं, लेकिन अब संख्या में और भी बढ़ोतरी मानी जा रही है।

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