Bhopal Crime Branch : ब्लैक फंगस के इलाज में उपयोग किये जाने वाले इंजेक्शन बेचने के नाम पर ठगी, दिल्ली से हुए गिरफ्तार

ब्लैक फंगस के इलाज में Bhopal Crime Branch उपयोग किये जाने वाले इंजेक्शन बेचने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के आरोपियों को भोपाल पुलिस की सायबर क्राइम टीम ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है।

Bhopal Crime Branch : ब्लैक फंगस के इलाज में उपयोग किये जाने वाले इंजेक्शन बेचने के नाम पर ठगी, दिल्ली से हुए गिरफ्तार

भोपाल। ब्लैक फंगस के इलाज में Bhopal Crime Branch उपयोग किये जाने वाले इंजेक्शन बेचने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के आरोपियों को भोपाल पुलिस की सायबर क्राइम टीम ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है।

महिला द्वारा की गई शिकायत
सायबर क्राइम ने आज दोपहर में जानकारी देते हुए बताया कि 22 मई को एक महिला द्वारा शिकायत की गई कि ब्लैक फंगस के इलाज में उपयोग किये जाने वाले इंजेक्शन को खरीदने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप से प्राप्त मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया। तब आरोपी ने स्वयं का नाम प्रिंस बताया।

1 लाख 46 हजार 250 रूपये की धोखाधड़ी
आरोपी ने महिला को 25 इंजेक्शन उपलब्ध कराने की बात की और प्रति इंजेक्शन 5650/ रुपये के हिसाब से देने के बात हुई तथा 5000/- रूपये कोरियर चार्ज अतिरिक्त लगेगा। इस प्रकार आरोपी अजय कुमार प्रिंस के द्वारा महिला के साथ कुल 1 लाख 46 हजार 250 रूपये की धोखाधड़ी करने के संबंध में आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया था।

3 मोबाइल एवं सिम कार्ड को जप्त
इसके बाद सायबर क्राइम जिला भोपाल की टीम द्वारा अपराध दर्ज कर आरोपी अजय कुमार निवासी गोयला डेयरी कुतुब विहार फेज-1 थाना छावला जिला द्वारका साउथ वेस्ट दिल्ली को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया एवं आरोपी के पास से वारदात में प्रयोग 3 मोबाइल एवं सिम कार्ड को जप्त किया गया है।

इन तरह वारदात को देते थे अंजाम
सायबर क्राइम टीम ने बताया आज दोपहर में जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी अजय कुमार विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से ब्लैक फंगस के इलाज में उपयोग किये जाने वाले इंजेक्शन के संबंध में पोस्ट देखकर यह देखता था कि किस व्यक्ति को इंजेक्शन की आवश्यकता है उनसे संपर्क कर व्हॉटसएप पर ब्लैक फंगस के इलाज में उपयोग किये जाने वाले इंजेक्शन बेचने के लिए मैसेज करता था तथा जब फरियादी आरोपी अजय से संपर्क करते थे तब आरोपी द्वारा इंजेक्शन देने के लिए एडवांस के रूप में अन्य सहआरोपियों के बैंक खातों में पैसे जमा करवाये जाते थे। आरोपी द्वारा जिन फ्रॉड खातों में रुपये जमा कराये गये है उन आरोपियों की तलाश जारी है।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article