भिंड में लापरवाही की इंतहा: अस्पताल परिसर में खुले में महिला का प्रसव, स्टाफ देखता रहा... महिला कराहती रही, Video

Madhya Pradesh (MP) Bhind District Hospital Pregnancy Birth Baby Video: जहां प्रसव पीड़ा से कराह रही एक महिला ने अस्पताल परिसर में खुले आसमान के नीचे बच्चे को जन्म दिया। इस सबके के बावजूद अस्पताल स्टाफ का रवैया लापरवाहपूर्ण रहा।

Bhind Hospital Video

Bhind Hospital Video

हाइलाइट्स

  • भिंड जिला अस्पताल में महिला ने खुले में बच्चा जना
  • अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई
  • समाजसेवी और महिलाओं की मदद से कुछ लाज बची

Bhind Hospital Video: मध्य प्रदेश के भिंड जिला अस्पताल से सामने आए एक वीडियो ने स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था की फिर पोल खोल दी है। जहां प्रसव पीड़ा से कराह रही एक महिला ने अस्पताल परिसर में खुले आसमान के नीचे बच्चे को जन्म दिया। इस सबके के बावजूद अस्पताल स्टाफ का रवैया लापरवाहपूर्ण रहा।

जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश के एक अस्पताल में प्रसूता और नवजात की जान खतरे में पड़ गई, जहां स्टाफ की लापरवाही ने संवेदनहीनता की गंभीर तस्वीर पेश की।

लोग वीडियो बनाते रहे, पर मदद को नहीं आए

बताया जाता है कि मामला सोमवार,17 नवंबर शाम लगभग 4-5 बजे का है। एक ग्रामीण क्षेत्र की महिला प्रसव पीड़ा के साथ अस्पताल पहुंची, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में विलंब हुआ। इतना ही नहीं, वह अस्पताल के बाहर परिसर में ही गिर गई। आसपास मौजूद कई लोग यह सब देख रहे थे और कुछ वीडियो भी बना रहे थे, लेकिन किसी ने मदद करने की हिम्मत नहीं दिखाई।

[caption id="attachment_933478" align="alignnone" width="1013"]publive-image भिंड जिला अस्पताल परिसर में के खुले मैदान में महिला ने प्रसव किया। इस दौरान कुछ महिलाओं ने इस तरह मदद की।[/caption]

अस्पताल की लापरवाही

समाजसेवी की मदद से वहां मौजूद अन्य महिलाओं ने प्रसूता के चारों ओर पर्दा खड़ा किया ताकि उसे थोड़ा-बहुत सम्मान मिल सके। बड़ी मुश्किल से महिलाओं ने मिलकर गोपनीयता बनाई, लेकिन अस्पताल स्टाफ का रवैया बेहद लापरवाहपूर्ण रहा। बाद में प्रसूता ने एक नवजात स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया, लेकिन उसकी हालत चिंतनीय थी।

लेबर रूम का स्टाफ भी देर से पहुंचा

लेबर रूम की महिला कर्मचारी थोड़ी देर बाद आईं, लेकिन प्रयास करने के बजाय वो दूसरे कर्मचारियों से बहस करने लगी। परिजनों का आरोप है कि स्टाफ ने तुरंत कदम नहीं उठाया, जिससे प्रसूता और नवजात दोनों की जान पर खतरा मंडराने लगा।

ये भी पढ़े:  मंदिर जमीन विवाद में भिंड कलेक्टर को HC की फटकार: झूठा शपथ पत्र पर नाराज हुए जज, दो दिन पहले EC ने लिया था निशाने पर

व्यवस्थाएं लापरवाही की भेंट चढ़ी

यह पूरी घटना अस्पताल प्रबंधन की गंभीर चूक की ओर इशारा करती है। यही अस्पताल कलेक्टर ई. इलैया राजा के कार्यकाल में प्रदेश का टॉप हॉस्पिटल बन गया था, लेकिन यहां की व्यवस्थाएं लापरवाही की भेंट चढ़ गई हैं।

ये भी पढ़े:  इंदौर में मासूम को लगाई एक्सपायरी डेट की वैक्सीन: आपत्ति करने पर डॉक्टर ने दंपती को पीटा, जानें क्या है पूरा मामला

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article