स्वदेशी टीकाकरण में भारत बायोटेक ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है : कर्नाटक के मंत्री

बेंगलुरू, पांच जनवरी (भाषा) कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने मंगलवार को लोगों से कहा कि कोवैक्सीन के तीसरे चरण के परीक्षण पर अनावश्यक आलोचनाओं से दूर रहें क्योंकि इससे वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत पर संदेह पैदा होगा।

एक दिन पहले भारत बायोटेक के निदेशक कृष्णा इल्ला ने हैदराबाद स्थित टीका निर्माता के कोवैक्सीन डाटा में कमी के आरोपों को लेकर हो रही आलोचनाओं को खारिज कर दिया था, जिसके बाद मंत्री का यह बयान आया है।

इल्ला ने कहा था, ‘‘मेरा मानना है कि लोगों को धैर्य से इंटरनेट पर पढ़ना चाहिए और देखना चाहिए कि हमारे लेख क्या हैं।’’

डॉ. सुधाकर ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि भारत बायोटेक प्रतिष्ठित कंपनी है जिसकी विश्वसनीयता है और उसके पास अनुभव भी है।

सुधाकर ने मंगलवार को ट्वीट किया, ‘‘कोवैक्सीन के तीसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षण में 24 हजार स्वयंसेवक शामिल हैं और इसका डाटा जल्द उपलब्ध होगा।’’

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मैं हर किसी से अपील करता हूं और स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर नहीं बल्कि एक चिकित्सा पेशेवर के रूप में सलाह दे रहा हूं कि वे अनावश्यक आलोचनाओं से दूर रहें जो हमारे वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत को संदेह के दायरे में लाता हो।’’

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत बायोटेक वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित कंपनी है जिसके पास 16 टीका विकसित करने का अनुभव है जिसमें इन्फ्लुएंजा एच1एन1, रोटावायरस, जापानी इंसेफ्लाइटिस, रेबीज, चिकनगुनिया, जीका और टाइफाइड का टीका शामिल है।

उन्होंने कहा कि भारत बायोटेक के कोविड-19 का टीका ‘कोवैक्सीन’ को मंजूरी दिया जाना भारत के स्वदेशी टीकाकरण में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करना है।

मंत्री ने कहा, ‘‘भारत टीके के सबसे बड़े निर्यातकों में शामिल है, वैश्विक महामारी के खिलाफ साझी लड़ाई में दुनिया हमसे उम्मीद कर रही है।’’

उन्होंने भारत बायोटेक के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. कृष्णा इल्ला की भी प्रशंसा की।

भाषा नीरज नीरज पवनेश

पवनेश

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