Bhakra-Nangal Train : हजारों सैलानी इस ट्रेन में सफ़र का मज़ा उठाते हैं वो भी फ्री में ! ना TTE की झंझट - ना कोई किराया

देश की ऐसी ट्रेन की खासियत के बारे में बताने जा रहे है जिसमे किसी भी व्यक्ति को किराया नहीं देना होता है।

Bhakra-Nangal Train :  हजारों सैलानी इस ट्रेन में सफ़र का मज़ा उठाते हैं वो भी फ्री में ! ना TTE की झंझट - ना कोई किराया

Bhakra-Nangal Train : भारतीय रेलवे की ट्रेनों में जहां पर कई यात्री एक जगह से दूसरी जगह यात्रा करते है क्या आपने सोचा है ऐसी भी कोई ट्रेन होती है जिसमें किराया ना देना पड़े और ट्रेन के बाहर के मनमोहक नजारे देखने के लिए मिल जाए। नए साल पर कई सैलानी नए नजारे देखन जाते ही है। देश की ऐसी ट्रेन की खासियत के बारे में बताने जा रहे है जिसमे किसी भी व्यक्ति को किराया नहीं देना होता है।

70 साल से चल रही ट्रेन 

इस ट्रेन का नाम भाखड़ा नांगल ट्रेन है जो यात्रियों के लिए कई नजारों की सैर करने के लिए शुरू की गई है। यहां पर ट्रेन के बारे में कहा जाता है कि यह ट्रेन पिछले करीब 70 साल से चल रही है और पिछले 70 साल से लोग इस ट्रेन में फ्री में यात्रा कर रहे हैं। इस ट्रेन को लेकर ये कहा जाता है कि ये लगभग साल 1949 से चल रही है और हर रोज हजारों सैलानी इस ट्रेन में फ्री सफर का मजा लेते है। आपको बताते चलें कि, यह ट्रेन दिन में केवल दो बार ही चलती है नांगल से सुबह करीब 7 बजे और भाखड़ा से दोपहर 3 बजे के आसपास चलती है। वहीं भाखड़ा से वापसी सुबह 8 बजे और शाम 4 बजे के करीब चलती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस ट्रेन का नाम 'नांगल-भाखड़ा ट्रेन' है, जो लगभग 50 मिनट की सफ़र तय करती है।

25 गांवों के लोग बिना किराया करते सफर

आपको बताते चलें कि, भारत की यह ट्रेन आपको मुफ्त में सफर करने के लिए सक्षम बनाती है जिसमें रूट में सफ़र करने वाले लगभग 25 गांवों के लोग बिना किसी किराया के इस ट्रेन में सफ़र करते हैं। बाहर से घूमने आए सैलानी भी इसमें फ्री में यात्रा करते हैं। यहां पर इस ट्रेन को फ्री में शुरू करने के मकसद को लेकर बताया कि, भारत के सबसे बड़े बांध (डैम) से एक है नांगल-भाखड़ा बांध। आपको बता दें कि यह ट्रेन भाखड़ा-नांगल बांध के बारे में जानकारी देने के उद्देश्य से चलाई जाती है। ट्रेन चलाने का खास मकसद है कि देश की आने वाली पीढ़ी ये जान सके की देश का सबसे बड़ा भाखड़ा बांध कैसे बना और इसका क्या महत्व है।

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