Bhagwat Prasad Pandey : जब बेटे का कटा चालान तो पांडे जी ने लाई पापा के चेहरे पर मुस्कान

Bhagwat Prasad Pandey : जब बेटे का कटा चालान तो पांडे जी ने लाई पापा के चेहरे पर मुस्कान

Bhagwat Prasad Pandey : सोशल मीडिया पर पांडेय जी के नाम से मशहूर पुलिस अधिकारी भागवत प्रसाद पांडेय (Bhagwat Prasad Pandey) हमेशा चर्चा में बने रहते है। भागवत प्रसाद पांडेय (Bhagwat Prasad Pandey) कोरोना काल में लगे लॉकडाउन के दौरान अपनी पुलिसिंग को लेकर चर्चा में आए थे। मध्यप्रदेश पुलिस में पदस्थ भागवत प्रसाद पांडेय (Bhagwat Prasad Pandey) के सोशल मीडिया पर 5 लाख से अधिक फैन है। पांडेय जी ने लोगों में जागरूकता लाने के लिए अनोखा तरीका अपनाया है। लॉकडाउन के दौरान बाहर निकलने वालों की पुलिस ने पिटाई की तो, किसी को मुर्गा बनाया तो किसी का चालान काटा लेकिन ऐसे में दरोगा भागवत प्रसाद पांडेय (Bhagwat Prasad Pandey) ने अपने ठेठ अंदाज में लोगों को समझाया। लॉकडाउन के दौरान सीधी जिले की सड़को पर उनके अनोखे तरीके से पेट्रोलिंग करते के वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हुए। पांडे जी (Bhagwat Prasad Pandey) बाकायदा फेसबुक के जरिए घर पर बैठी जनता को सड़को का हाल लाइव प्रसारण के माध्यम से देते थे। दरोगा जी के ऐसे कई वीडियो है जो करोड़ों बार देखे जा चुके है।

भागवत प्रसाद पांडेय (Bhagwat Prasad Pandey) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह एक बुजुर्ग और अपने बेटे के कटे चालान को लेकर परेशान दिखाई दे रहे है। लेकिन भले ही युवक का चालान कट गया हो पर भागवत प्रसाद पांडेय (Bhagwat Prasad Pandey) ने उन्हें चालान के पैसे देकर बुजुर्ग के चेहरे पर मुस्कान ला दी। वही बेटे को फिर से ऐसी गलती नहीं करने की हिदायत दी। भागवत प्रसाद पांडेय (Bhagwat Prasad Pandey) का यह वीडियो करीब 6 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। यह वीडियो भागवत प्रसाद पांडेय (Bhagwat Prasad Pandey) ने खुद अपने फेसबुक अकाउंट पर 12 जुलाई को शेयर किया है।

कौन है भागवत प्रसाद पांडेय (Bhagwat Prasad Pandey)

हम बात कर रहे हैं एमपी पुलिस के दारोगा भागवत प्रसाद पाण्डेय (Bhagwat Prasad Pandey) की। ये दरोगा हैं सीधी के ट्रैफिक इंस्पेक्टर भागवत प्रसाद पांडे। लॉकडाउन के दौरान लगातार अपनी गाड़ी में साथियों के साथ पैट्रोलिंग पर दिखाई देते थे। वह सड़कों-गलियों में घूमते थे और फेसबुक पर लाइव रहते थें। लॉकडाउन के दौरान भागवत प्रसाद पाण्डेय (Bhagwat Prasad Pandey) का लोगों को समझाने का अनोखा और बेहतरीन तरीका लोगों को काफी भाया क्यों वो लोगों को उन्हीं की भाषा में समझाते थे वो भी बेहद मजाकिया भाषा में। लॉकडाउन के दौरान उन्हें जब भी कोई सड़क पर दिखाई देता था तो वह उसे बड़े प्यार से ‘अरे भैया, ओ भैया’ कहकर रोकते थे। पूछते हैं, ‘कहां घूम रे हो, क्यों घूम रे हो?’ अगर सामने वाले का कारण सचमुच एकदम ज़रूरी लगता है, तब तो ‘जल्दी काम खत्म करो, मास्क पहनो और घर जाओ’ कहकर छोड़ देते हैं। लेकिन अगर कारण बहानेबाजी लगे, तब तो भई आगे जाने ही नहीं देते। कुछ-कुछ को तो उठक-बैठक भी लगवा देते थें।

जरूरतमंदो लोगों की करते है मदद

दरोगा (Bhagwat Prasad Pandey) जी लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंद लोगों को मास्क भी बांटते थे। अगर बीच में किसी का फोन आ जाए, तब उसकी दिक्कत भी सुनते थे। वह लोगों से लगातार फेसबुक लाइव में अपील करते हुए कहते थें कि आप घर पर बैठो, मैं बाहर हूं न। सारे शहर का हाल आपको लाइव पर दिखा रहा हूं। घर बैठो- सुरक्षित रहो। पांडेय जी (Bhagwat Prasad Pandey) को कोई बिनामस्क के दिख जाता था तो वह उसको अपनी तरफ से नसीहत के साथ मास्क भी देते थे और सुरक्षा करने की बात कहते थे।

बिग बॉस का ऑफर ठुकराया

पांडेय जी सोशल मीडिया पर किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। आओ यार, बातें कर लो चार… यह पांडेय जी का सबसे फेमस डायलॉग है। पांडेय जी (Bhagwat Prasad Pandey) को बिग बॉस से भी ऑफर आया था, लेकिन उन्होंने यह कहकर ठुकरा दिया कि आपके यहां मेरे मिजाज के हिसाब से चीजें नहीं है। इसके साथ ही कुछ फिल्मों के भी प्रस्ताव आए हैं। उनका कहना था कि वर्दी हम किसी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। किसी अच्छे मैसेज के लिए कोई प्रस्ताव आएगा तो विचार करेंगे। इतना ही नहीं सूबेदार भागवत पांडेय (Bhagwat Prasad Pandey) के पास शादियों के लिए भी प्रस्ताव आने लगे थे। इसके बाद उन्होंने अपने सोशल प्रोफाइल पर बच्चों की तस्वीर डालना शुरू कर दिया। लोगों को यह पता चला सके कि वह शादीशुदा हैं।

पांडेय जी की कमाई कितनी

सोशल मीडिया पर पांडेय जी (Bhagwat Prasad Pandey) के वीडियो खूब वायरल होते हैं। ऐसे में लोग यह भी जानना चाहते हैं कि इन वीडियो से उन्हें कितनी कमाई होती है। भागवत पांडेय (Bhagwat Prasad Pandey) ने कहा कि कुछ लोग हमारे नाम से फैन पेज चलाते हैं। वहीं, वीडियो का यूज करते हैं। उन्हीं लोगों को थोड़ी बहुत कमाई हो जाती है। उससे आए पैसों को वे लोग जनकल्याण में खर्च देते हैं। मेरे पास खर्च किए गए पैसों की रसीद भेज देते हैं।

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