भिखारियों को रुपए की जगह दिए जाएंगे कूपन: कलेक्‍टर ने शुरू की अनूठी पहल, क्‍या है इसकी वजह, जानें पूरी डिटेल

Beggars Free Campaign: मध्‍य प्रदेश के जबलपुर जिले में भिखारी मुक्त अभियान के तहत एक अनूठी योजना की शुरुआत की जा रही है।

Beggars Free Campaign

Beggars Free Campaign

Beggars Free Campaign: मध्‍य प्रदेश के जबलपुर जिले में भिखारी मुक्त अभियान के तहत एक अनूठी योजना की शुरुआत की जा रही है, जिसके तहत भिखारियों विशेषकर बच्चों को पैसे की जगह कूपन दिए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य भिक्षावृत्ति के खिलाफ एक जागरूकता अभियान के तहत भिखारियों की मदद करना है।

कूपन के माध्यम से भिखारियों को आवश्यक वस्त्र, खाद्य सामग्री और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे उन्हें आर्थिक सहायता मिल सकेगी और वे भिक्षावृत्ति के चक्र से बाहर निकल सकें। यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और भिक्षावृत्ति के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कलेक्टर दीपक सक्सेना ने शुरू की योजना

योजना का मकसद लोगों को भिखारियों को नकद पैसा देने से रोकना है। जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना द्वारा शुरू की गई यह योजना भिक्षावृत्ति मुक्ति अभियान का हिस्सा है। लोगों को भिखारियों को नकद पैसे देने की जगह कूपन देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे शहर में भिखारियों की संख्‍या में कमी आने की संभावना है।

कलेक्‍टर ने दी जानकारी

जबलपुर जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना ने इस योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसमें रोटरी जैसे प्रमुख सामाजिक संगठनों को शामिल किया जा रहा है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन लोगों की इस मानसिकता को बदलने के लिए प्रयासरत है कि वे बच्चों को नकद पैसे देकर दान न करें, क्योंकि इससे उनका भविष्य बिगड़ता है। योजना के तहत कूपन प्रदान करने का उद्देश्य है कि भिखारियों, खासकर बच्चों को सही दिशा में सहायता मिल सके और उन्हें भिक्षावृत्ति के चक्र से बाहर निकाला जा सके।

भिखारियों को निकालना है चक्र से बाहर

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अक्सर लोग सड़क पर बच्चों को पैसे देकर मदद करने की कोशिश करते हैं, लेकिन इससे बच्चों की शिक्षा और बेहतर जीवन से जुड़ने की प्रक्रिया बाधित होती है। उन्होंने कहा कि इस सोच को बदलने और एक समाधान लाने के लिए प्रशासन रोटरी जैसे संगठनों के साथ मिलकर काम करेगा।

इसका उद्देश्य लोगों को भिखारियों की शिक्षा और पुनर्वास में योगदान देने के लिए प्रेरित करना है, ताकि उन्हें बेहतर अवसर मिल सकें और भिक्षावृत्ति के चक्र से बाहर निकल सकें। इस पहल के माध्यम से कलेक्टर ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कदम बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

यह भी पढ़ें- आलिया ADHD से पीड़ित: कहीं आप भी तो नहीं इस डिसऑर्डर के शिकार, जानें कैसे पा ‌सकते हैं निजात

इन दुकानों पर मिलेंगे कूपन

दीपक सक्सेना ने बताया कि प्रशासन ने नकद दान के बदले कूपन देने की एक नई योजना तैयार की है। इस योजना के तहत, दान करने वाले लोगों को कुछ चुनी हुई दुकानों के कूपन प्रदान किए जाएंगे। जिनसे गरीब और जरूरतमंद लोग आवश्यक सामग्री प्राप्त कर सकेंगे।

यह योजना नकद दान की बजाय सामग्री आधारित सहायता देने पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य भिक्षावृत्ति को हतोत्साहित करना और जरूरतमंद लोगों को सही तरीके से सहायता प्रदान करना है। इस पहल के माध्यम से, प्रशासन ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और जरूरतमंदों की वास्तविक सहायता सुनिश्चित करने का प्रयास किया है।

रोटरी ने दिया इस पहल का साथ

रोटरी के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर अखिल मिश्रा ने जिला प्रशासन की इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि रोटरी के सभी सदस्य इस महत्वपूर्ण कार्य में अपना योगदान देंगे और बच्चों के पुनर्वास की दीर्घकालिक योजना पर काम करेंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि रोटरी के सदस्य विभिन्न चौराहों पर लोगों को जागरूक करने का प्रयास करेंगे, ताकि लोग बच्चों को नकद पैसे देने से बचें। मिश्रा ने कहा कि इस तरह की जागरूकता से भिक्षावृत्ति को हतोत्साहित करने और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने में मदद मिलेगी।

यह भी पढ़ें- World Food Day: घर में बचे खाने को फेंकने की जगह बनाएं टेस्टी पकवान; चावल के पकौड़े, बची दाल-सब्जी से ऐसे बनाएं व्यंजन

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article