स्कूल खुलने के आदेश जारी होने के बीच सामने आई टीचरों की भारी कमी..कैसे चलेंगे स्कूल

BASTAR SCHOOL TEACHER PROBLUM:स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी

BASTAR SCHOOL TEACHER PROBLUM

BASTAR: बस्तर जिले में शिक्षा की व्यवस्था बेहद दयनीय(BASTAR SCHOOL TEACHER PROBLUM) बनी हुई है…यहां शिक्षकों की भारी कमी है…नए सत्र के साथ खुलने में कुछ ही दिन बाकी है…शिक्षकों की कमी से जूझ रहे बस्तर के स्कूलों में टीचर की व्यवस्था करना शिक्षा विभाग के लिए एक चेलेंज साबित हो रहा है।
यहां 2 हजार स्कूलों में से 526 स्कूल एक शिक्षक के भरोसे चल रहा है…तो वहीं 121 स्कूल ऐसे हैं जहां एक भी शिक्षक नहीं है.. हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि जल्द ही शिक्षको की भर्ती की जाएगी… इस पूरे मामले में बंसल न्यूज़ की टीम ने जिला शिक्षा अधिकारी से बात की.। गौरतलब हो कि छत्तीसगढ़ प्रशासन ने स्कूलों को 15 जून से खोलने का आदेश जारी कर दिया है।ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि बिना शिक्षकों के छात्र क्या पढ़ाई करेंगे।

तीन से पांच कक्षाएं पढ़ा रहे एक शिक्षक

शिक्षकों की कमी इस कदर है कि प्राथमिक स्कूल में एक शिक्षक कक्षा एक से लेकर पांचवी तक अकेला पढ़ा रहा है और कई माध्यमिक शालाओं में एक शिक्षक कक्षा 6वीं से 8वीं यानी तीन कक्षाएं अकेले पढ़ा रहा है। ऐसे में कितने बच्चों पर और कैसे शिक्षा के स्तर में सुधार कर सकेगा। इसके बाद भी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए तो प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद नहीं भरे जा रहे हैं।

स्कूल खुलने का आदेश जारी

छत्तीसगढ़(CHATTISHGADH) में गरमी की छुट्टी(SUMMER VACATION) के बाद 16 जून से फिर से स्कूल(SCHOOL BIG BREAKING) का संचालन शुरू होगा।बता दें फैसला सरकारी और प्रायवेट दोनो स्कूलों पर जारी होगा। गरमी की छुट्टी को लेकर DPI ने सभी कलेक्टरों और DEO को स्कूल के संचालन को लेकर दिशा निर्देश दिये हैं। अगल-अलग 16 बिंदुओं में जारी निर्देश में साफ है कि स्कूल के संचालन में कोरोना निमयों का भी पालन करना होगा। मतलब अगर महिला स्वयं सहायता समूह व रसोईयों को अगर सर्दी खांसी या बुखार की शिकायत है तो उन्हें स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जायेगा। किसी भी घटना से बचने केलिए स्कूलों में रखे गये हैंड सैनिटाइजर को किचन और खाद्य पदार्थों से दूर रखने का निर्देश दिया गया है।School Reopen Big Breaking

मध्यान भोजन को लेकर भी आदेश जारी

बच्चों के मध्याह्न भोजन को लेकर भी डीपीआई ने स्पष्ट दिशा निर्देश दिया है। इसके तहत स्कूलों में ना सिर्फ खान पान और साफ सफाई की व्यवस्था का निर्देश दिया गया है, बल्कि रसोईयों को खाने बनाने और परोसने के वक्त मास्क लगाकर रहने के निर्देश दिये गये हैं।(SCHOOL BIG BREAKING)

मुख्य बिंदु-School Reopen Big Breaking

-स्कूल खुलते ही शिक्षकों-विद्यार्थियों के साथ इस बार अफसर भी वहां पहुंचेंगे।

-वे स्कूल की व्यवस्था, शिक्षकों, बच्चों की उपस्थिति और सरकार की योजनाओं का निरीक्षण करने वाले हैं।

-निरीक्षण के बाद अफसरों को हर स्कूल के बारे में एक रिपोर्ट पेश करना है।

-स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने नए शैक्षणिक सत्र में शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए है।

-स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को 15 जून से 15 जुलाई 2022 तक शैक्षणिक संस्थाओं के आकस्मिक निरीक्षण और मॉनिटरिंग करने का निर्देश हुआ है।

-स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा निर्देशित किया गया है 15 जून से 15 जुलाई (निरंतर एक माह तक) शत-प्रतिशत उपस्थिति का परीक्षण करेंगे।

इन योजनाओं पर भी देना है ध्यान

निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागीय योजनाओं जैसे स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम स्कूल, निशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण, निशुल्क गणवेश वितरण, निशुल्क साइकल वितरण, मध्याह्न भोजन, आरटीई के तहत प्रवेश, छात्रवृति, महतारी दुलार योजना, स्कूल भवन की स्थिति, शौचालय, बालवाड़ी केन्द्रों का संचालन आदि के क्रियान्वयन का परीक्षण करेंगे।अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा गया है, इस दौरान माटी पूजन महाअभियान के अंतर्गत शाला परिसर में साग-भाजी के उत्पादन, आदर्श शौचालय पर ध्यान देना है। गौठानों व महिला स्व-सहायता समूहों की ओर मध्याह्न भोजन की सामग्री की आपूर्ति के लिए स्कूलों के लिंकेज आदि योजनाओं का निरीक्षण और मूल्यांकन जरूर करना है।School Reopen Big Breaking

किन-किन अफसरों को जाना है स्कूल

-स्कूल शिक्षा विभाग के सभी संभागीय संयुक्त संचालक, अधीनस्थ उप संचालक, सहायक संचालक अपने कार्यक्षेत्र के जिलों में न्यूनतम 10-10 स्कूलों (हायर सेकेंडरी, हाई स्कूल, मिडिल और प्राइमरी) का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे।

-सभी जिला शिक्षा अधिकारी और अधीनस्थ सहायक संचालक, समग्र शिक्षा के जिला परियोजना समन्वयक, प्राचार्य डाइट न्यूनतम 10-10 स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे।

– सभी विकास खंड शिक्षा अधिकारी, विकास खंड स्रोत समन्वयक, सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी भी अपने कार्यक्षेत्र अंतर्गत न्यूनतम 10-10 स्कूलों (मिडिल और प्राइमरी स्कूल) का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे।

-हायर सेकेंडरी स्कूल के सभी प्राचार्य, संकुल समन्वयक अपने-अपने संकुलों में न्यूनतम 5-5 मिडिल और प्राइमरी स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे।

30 जुलाई तक पहुंचनी है रिपोर्ट-School Reopen Big Breaking

सभी जिला शिक्षा अधिकारी अपने अधीन मैदानी अधिकारियों से निरीक्षण पूरा होने के बाद एक समीक्षा करेंगे। उसकी एक संक्षिप्त रिपोर्ट अपने स्पष्ट अभिमत के साथ 25 जुलाई तक संभागीय संयुक्त संचालक को देंगे। इस रिपोर्ट के संभागीय संयुक्त संचालक इसकी समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट संचालक लोक शिक्षण को 30 जुलाई तक भेजेंगे।

20 अप्रेल को दी गईं थी छुट्टियां

गौरतलब हो कि छत्तीसगढ़ में 24 अप्रैल से सभी स्कूल बंद रहने का आदेश दिया गया था। प्रशासन ने यह फैसला  भीषण गर्मी को देखते हुए  लिया है।बता दें यह फैसला स्कूल शिक्षा विभाग ने लिया था। और इसके लिए आदेश जारी किया गया था।और इसी आदेश में  बताया गया था कि सारे स्कूल दोबारा  16 जून से खुलेंगे वहीं यह फैसला प्राइवेट स्कूलों पर भी लागू होगा।

 

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