फिशरीज डिपार्टमेंट का सहायक संचालक रिश्वत लेते गिरफ्तार: हाईकोर्ट के स्टे मामले में जवाब देने के लिए मांगे थे 5 हजार

Barwani Fisheries Officer Bribe Case:  फिशरीज डिपार्टमेंट का सहायक संचालक रिश्वत लेते गिरफ्तार: हाईकोर्ट के स्टे मामले में जवाब देने के लिए मांगे थे 5 हजार

फिशरीज डिपार्टमेंट का सहायक संचालक रिश्वत लेते गिरफ्तार: हाईकोर्ट के स्टे मामले में जवाब देने के लिए मांगे थे 5 हजार

Barwani Fisheries Officer Bribe Case: नए साल 2025 के पहले ही दिन बड़वानी जिले में लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। लोकायुक्त की टीम ने मत्स्य पालन विभाग (फिशरीज डिपार्टमेंट) की बड़ी मछली को जाल में फंसाया है। टीम ने सहायक संचालक नारायण प्रसाद रैकवार को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने सहकारी समिति के एक मामले में हाईकोर्ट के स्टे प्रकरण का जवाब प्रस्तुत करने के लिए रिश्वत की मांग की थी।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, फरियादी महेश दिलवारे (43), जो राजपुर जिले के ग्राम जलगोन स्थित सिंचाई जलाशय में 85.780 हेक्टेयर क्षेत्र में मछली पालन का कार्य करते हैं, ने 2013 में 10 साल के पट्टे पर यह क्षेत्र लिया था। पट्टे की अवधि समाप्त होने के बाद महेश ने इसे रिन्यू करने के लिए आवेदन किया, जिसे कलेक्टर कार्यालय ने त्रुटिपूर्ण मानते हुए निरस्त कर दिया। इसके बाद जनपद पंचायत राजपुर ने नए सिरे से विज्ञप्ति जारी की। इस पर आदिवासी डूब प्रभावित मछया समूह जलगोन के अध्यक्ष ने हाईकोर्ट, इंदौर से स्थगन आदेश (स्टे ऑर्डर) प्राप्त किया। नारायण प्रसाद रैकवार ने इसी स्थगन आदेश का जवाब प्रस्तुत करने के लिए महेश से 5,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।

आवेदक पट्टे रिन्यू के लिए कर रहा था आवेदन

आवेदक ने तालाब के पट्टे को रिन्यू कराने के लिए आवेदन किया था, जिसे वर्ष 2013 में 10 साल के लिए प्राप्त किया गया था। इस आवेदन को कलेक्टोरेट बड़वानी ने गलती होने के कारण निरस्त कर दिया था। इसके बाद जनपद पंचायत राजपुर ने नया विज्ञापन जारी किया था। इस पर आदिवासी डूब प्रभावित मछ्या समूह जलगोन के अध्यक्ष ने इंदौर उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त किया। आरोपित नारायण प्रसाद रायकवार, जो सहायक संचालक मत्स्योद्योग थे, ने इस स्थगन आदेश का जवाब प्रस्तुत करने के बदले आवेदक से रिश्वत की मांग की थी।

लोकायुक्त के जाल में फंसी मछली

दो दिन पहले फरियादी ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद बुधवार को शिकायत की जांच की गई, जो सही पाई गई। इसके बाद तुरंत ट्रैप टीम का गठन किया गया। टीम ने आरोपित को उसके कार्यालय में 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद आरोपित को लोक सेवा केंद्र के पास पुराने सर्किट हाउस लाया गया, जहां नियमानुसार कार्रवाई की गई। आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 के तहत मामला दर्ज किया गया और उसे मुचलके पर रिहा कर दिया जाएगा।

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