नगरीय निकाय चुनावों की आरक्षण प्रक्रिया पर लगाई रोक, हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ का फैसला

नगरीय निकाय चुनावों की आरक्षण प्रक्रिया पर लगाई रोक, हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ का फैसला

नगरीय निकाय चुनावों की आरक्षण प्रक्रिया पर लगाई रोक, हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ का फैसला

ग्वालियर: हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने निकाय चुनाव के लिए घोषित की गई आरक्षण प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेश दिया है कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित महापौर, और अध्यक्ष के लिए रोटेशन के आधार पर आरक्षण प्रक्रिया दोबारा की जाए।

सरकार रोटेशन के आधार पर आरक्षण प्रक्रिया का दोबारा नोटिफिकेशन जारी कर ही चुनाव करा सकती है। आपको बता दें कि मानवर्धन तोमर ने जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें कहा गया था कि निकाय चुनाव के लिए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षण प्रक्रिया में रोटेशन का पालन नहीं किया गया है। मध्य प्रदेश में निर्वाचन आयोग कभी भी निकाय चुनाव की तारीखों का एलान करने वाला है। ऐसे में हाईकोर्ट के फैसले के बाद ये प्रक्रिया कुछ समय के लिए टल सकती है।

बता दें कि राज्य निर्वाचन आयोग और राजनीतिक दल नगरीय निकाय चुनाव कराने की पूरी तैयारी में है। लेकिन जिस तरह से हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने निकाय चुनाव के लिए किए आरक्षण की प्रक्रिया पर रोक लगाई है, उससे निकाय चुनाव में देरी हो सकती है।

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