CG High Court on BALCO: बालको को बड़ा झटका! टाउनशिप को बिजली आपूर्ति पर नहीं मिलेगा GST ITC, हाईकोर्ट ने कही ये अहम बात

CG High Court on BALCO; छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने BALCO की अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि कर्मचारियों की टाउनशिप को दी गई बिजली पर GST इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा नहीं किया जा सकता क्योंकि यह व्यावसायिक गतिविधि नहीं बल्कि एक कल्याणकारी सुविधा है।

CG High Court on BALCO

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हाइलाइट्स 

  • BALCO की अपील हाईकोर्ट ने की खारिज
  • टाउनशिप की बिजली पर नहीं मिलेगा ITC
  • CGST संशोधन को पूर्व प्रभाव से लागू नहीं

CG High Court on BALCO : छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (BALCO) को एक बड़ा झटका देते हुए साफ कर दिया है कि कर्मचारियों की टाउनशिप को दी गई बिजली आपूर्ति पर GST इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ नहीं मिलेगा। कोर्ट ने कहा कि यह सुविधा “व्यवसाय के क्रम या उसके संवर्धन” का हिस्सा नहीं है, बल्कि एक कल्याणकारी व्यवस्था है। इसलिए ऐसी आपूर्ति पर टैक्स क्रेडिट का दावा स्वीकार्य नहीं है।

हाईकोर्ट ने BALCO की अपील को किया खारिज

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BALCO ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि कंपनी द्वारा अपने ही बिजली संयंत्र से कर्मचारियों की टाउनशिप को दी गई बिजली उनके व्यावसायिक संचालन का हिस्सा है। कंपनी का तर्क था कि यह सुविधा कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और कंपनी संचालन को सुचारू रखने के लिए दी जाती है।

हालांकि, न्यायमूर्ति खंडपीठ ने इस दलील को अस्वीकार करते हुए कहा कि कर्मचारियों को दी गई बिजली सेवा एक सामाजिक या कल्याणकारी गतिविधि है, जिसका कंपनी के मूल व्यवसायिक संचालन से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। इसलिए इसे धारा 16(1) CGST अधिनियम के तहत व्यावसायिक गतिविधि नहीं माना जा सकता।

कोर्ट- कल्याणकारी सुविधा, न कि व्यवसायिक खर्च

न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि टाउनशिप को बिजली देना कंपनी की ‘सामाजिक जिम्मेदारी’ (Corporate Welfare) के अंतर्गत आता है, न कि ‘व्यवसाय के क्रम या उसके संवर्धन’ के अंतर्गत। अदालत ने कहा कि जब बिजली का उपयोग गैर-व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है, तो उस हिस्से पर टैक्स क्रेडिट का दावा नहीं किया जा सकता।

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संशोधित CGST नियमों का पूर्व प्रभाव से लागू होना अस्वीकार्य

BALCO ने यह भी तर्क दिया था कि हाल ही में CGST नियमों में किए गए संशोधन से अब इस प्रकार की गतिविधियों पर ITC का दावा संभव है, इसलिए यह बदलाव पूर्व प्रभाव से लागू होना चाहिए। लेकिन न्यायालय ने यह तर्क भी खारिज करते हुए कहा कि किसी भी कर नियम में बदलाव को पुराने मामलों पर लागू नहीं किया जा सकता। संशोधन केवल आगे के मामलों में प्रभावी होगा।

व्यवसायिक और व्यक्तिगत उपयोग में फर्क जरूरी: कोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के इस निर्णय ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि ITC का लाभ केवल उन वस्तुओं या सेवाओं पर मिलेगा, जो सीधे तौर पर व्यवसायिक गतिविधियों से जुड़ी हों। यदि कोई कंपनी अपने कर्मचारियों या परिवारजनों के लिए सामाजिक या व्यक्तिगत सुविधाएं प्रदान करती है, तो उस पर चुकाए गए GST का क्रेडिट नहीं लिया जा सकेगा।

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BALCO के लिए झटका, कर सलाहकारों के लिए संकेत

यह फैसला न केवल BALCO के लिए एक झटका है, बल्कि उन सभी उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण नजीर है जो अपनी टाउनशिप या कर्मचारियों को सुविधाएं देने के नाम पर ITC का दावा करते हैं। कर विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भविष्य में ऐसे विवादों को रोकने में मदद करेगा और कंपनियों को अपने टैक्स दावों में अधिक सतर्क बनना पड़ेगा।

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